ऑरेंज अलर्ट क्या है? जानें खतरे का मतलब और बचाव के उपाय

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
ऑरेंज अलर्ट क्या है

भारत में जब कोई आपदा या आपातकाल आने की संभावना होती है, तो सरकार और एजेंसियां अलग-अलग स्तरों पर अलर्ट जारी करती हैं। इन अलर्ट्स में सबसे महत्वपूर्ण होता है ऑरेंज अलर्ट। यह चेतावनी का वह स्तर होता है जब खतरा नजदीक होता है और तैयारी शुरू करना बेहद जरूरी हो जाता है।

Contents
ऑरेंज अलर्ट क्या है?ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी रंग प्रणालीकिस-किस क्षेत्र में जारी होता है ऑरेंज अलर्ट?1. मौसम विभाग द्वारा2. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा3. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा4. औद्योगिक क्षेत्र मेंऑरेंज अलर्ट का उद्देश्यऑरेंज अलर्ट के समय क्या करना चाहिए?सुरक्षा के लिए करें ये तैयारी:घर में ये काम करें:प्रशासन की भूमिकाभारत में ऑरेंज अलर्ट के उदाहरण1. 2023 मुंबई मानसून2. उड़ीसा में चक्रवातकैसे बचें अफवाहों से?ऑरेंज अलर्ट और आपदा प्रबंधन कानूनअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)प्रश्न 1: ऑरेंज अलर्ट कितने समय के लिए होता है?प्रश्न 2: क्या स्कूल-कॉलेज बंद होते हैं?प्रश्न 3: क्या यात्रा करना सुरक्षित होता है?निष्कर्ष: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

इस लेख में हम जानेंगे:

  • ऑरेंज अलर्ट क्या होता है?
  • इसे कब और क्यों जारी किया जाता है?
  • इसके दौरान क्या करना चाहिए?
  • सरकार और जनता की क्या भूमिका होती है?

इस जानकारी से आप न केवल अपने को सुरक्षित रख पाएंगे, बल्कि दूसरों की भी मदद कर पाएंगे।


ऑरेंज अलर्ट क्या है?

ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि स्थिति गंभीर है और जल्द ही और अधिक खतरनाक हो सकती है। यह चेतावनी संकेत देती है कि अब समय आ गया है सावधानी बरतने का और हरसंभव तैयारी करने का। यह अलर्ट मौसम, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण या अन्य आपात स्थितियों से संबंधित हो सकता है।

ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी रंग प्रणाली

भारत में आपदा चेतावनी प्रणाली को चार रंगों में विभाजित किया गया है:

  • ग्रीन अलर्ट (Green Alert): कोई खतरा नहीं।
  • येलो अलर्ट (Yellow Alert): सतर्क रहें, स्थिति बिगड़ सकती है।
  • ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): खतरा गंभीर है, तैयारी करें।
  • रेड अलर्ट (Red Alert): स्थिति अत्यंत गंभीर है, तुरंत कार्रवाई करें।

ऑरेंज अलर्ट उस स्तर को दर्शाता है जब स्थिति बिगड़ रही होती है और जनजीवन पर असर पड़ सकता है।


किस-किस क्षेत्र में जारी होता है ऑरेंज अलर्ट?

1. मौसम विभाग द्वारा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ऑरेंज अलर्ट तब जारी करता है जब:

  • 24 घंटे में 115.6 mm से 204.4 mm तक बारिश की संभावना हो
  • तेज़ हवाएं चलें या चक्रवात की स्थिति बने
  • लू या शीतलहर का गंभीर असर हो

2. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा

जब किसी संक्रामक बीमारी का तेजी से फैलाव हो, जैसे:

  • डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया का प्रकोप
  • वायु प्रदूषण या गैस रिसाव जैसी घटनाएं

3. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा

यदि आतंकवादी हमले की आशंका हो, या किसी बड़े आयोजन में सुरक्षा खतरा हो, तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है।

4. औद्योगिक क्षेत्र में

जैसे भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं से बचाव के लिए, रासायनिक फैक्ट्रियों में भी ऑरेंज अलर्ट लगाया जा सकता है।


ऑरेंज अलर्ट का उद्देश्य

  • जनता को समय रहते सचेत करना
  • प्रशासन को तैयारी के लिए सक्रिय करना
  • जान-माल की हानि से बचाव
  • बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाना

ऑरेंज अलर्ट के समय क्या करना चाहिए?

ऑरेंज अलर्ट जारी होते ही नागरिकों को सावधानी अपनानी चाहिए। नीचे कुछ जरूरी कदम दिए गए हैं:

सुरक्षा के लिए करें ये तैयारी:

  • टेलीविज़न, रेडियो या मोबाइल ऐप्स के जरिए सरकारी निर्देशों पर नजर रखें
  • जरूरी दवाइयां, पानी और खाना स्टोर करके रखें
  • सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज एक सुरक्षित फोल्डर में रखें
  • मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें
  • कार या बाइक में पेट्रोल भरवा लें

घर में ये काम करें:

  • खिड़की-दरवाज़े बंद रखें
  • खुले सामान और पेड़-पौधे सुरक्षित स्थान पर रखें
  • बिजली के उपकरणों को बंद कर दें (यदि निर्देश हो)
  • बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें

प्रशासन की भूमिका

सरकार और संबंधित एजेंसियां अलर्ट के दौरान निम्नलिखित कदम उठाती हैं:

कार्यविवरण
बचाव बल की तैनातीएनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाता है
चेतावनी का प्रसारSMS, टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया के जरिए सूचना
अस्पतालों की तैयारीआपात स्थिति में उपचार व्यवस्था को बेहतर किया जाता है
ट्रैफिक कंट्रोलजरूरी रूट डायवर्जन और ट्रांसपोर्ट पर निगरानी

भारत में ऑरेंज अलर्ट के उदाहरण

1. 2023 मुंबई मानसून

मुंबई में जुलाई 2023 में भारी बारिश की चेतावनी पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। लोकल ट्रेनें रोकी गईं, स्कूल बंद किए गए और नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई।

2. उड़ीसा में चक्रवात

2021 में आए चक्रवात यास के समय ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ था। NDRF की टीमें पहले से तैनात थीं और तटीय क्षेत्रों में निकासी अभियान चलाया गया।


कैसे बचें अफवाहों से?

  • केवल सरकारी वेबसाइट, PIB, IMD और जिला प्रशासन के निर्देशों पर ही भरोसा करें।
  • सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई जानकारी शेयर न करें।
  • किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है।

ऑरेंज अलर्ट और आपदा प्रबंधन कानून

भारत में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत ऑरेंज अलर्ट जैसी चेतावनियों को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है। इससे प्रशासन को:

  • तत्काल कार्रवाई का अधिकार मिलता है
  • लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: ऑरेंज अलर्ट कितने समय के लिए होता है?

उत्तर: यह स्थिति पर निर्भर करता है, आमतौर पर 24 से 48 घंटे तक रहता है, लेकिन बढ़ाया भी जा सकता है।

प्रश्न 2: क्या स्कूल-कॉलेज बंद होते हैं?

उत्तर: हाँ, प्रशासन स्थिति के अनुसार स्कूल-कॉलेज को बंद कर सकता है, विशेषकर मौसम संबंधित ऑरेंज अलर्ट के दौरान।

प्रश्न 3: क्या यात्रा करना सुरक्षित होता है?

उत्तर: अगर अनिवार्य न हो तो यात्रा से बचना चाहिए। ऑरेंज अलर्ट के दौरान रास्ते बंद हो सकते हैं या ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है।


निष्कर्ष: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

ऑरेंज अलर्ट कोई डराने वाली चेतावनी नहीं, बल्कि समय रहते सतर्क करने का माध्यम है। यदि हम इस चेतावनी को गंभीरता से लें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, तो हम बड़ी से बड़ी आपदा में भी सुरक्षित रह सकते हैं।

आपका एक छोटा सा कदम—जैसे दूसरों को जानकारी देना या जरूरी सामान तैयार रखना—कई लोगों की जान बचा सकता है। इसलिए अगली बार जब आपके इलाके में ऑरेंज अलर्ट जारी हो, तो समझदारी से काम लें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

Dhanbad नगर निकाय चुनाव: ₹1.99 लाख से अधिक नकद पर रहेगी प्रशासन की नजर, 23 फरवरी को मतदान

रिपोर्ट: अम्बर कलश Dhanbad : आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और

Sheikhpura: बजट 2026 ऐतिहासिक और जनउपयोगी, विकास को मिलेगी नई गति – मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी

रिपोर्टर:-रंजन कुमार Sheikhpura : बिहार सरकार के सहकारिता तथा पर्यावरण, वन एवं

Jamtara: नीलदहा में श्रीमद् भागवत कथा का शंखनाद, भव्य कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

संवाददाता: रतन कुमार Jamtara: जामताड़ा जिले के नीलदहा गांव में रविवार से

Mahidpur: गुरु रविदास जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, ऐतिहासिक चल समारोह और कलश यात्रा से महका नगर

रिपोर्टर : कुशाल ठाकुर Mahidpur (उज्जैन): संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज

Faridabad : सूरजकुंड मेला हादसा: झूला कंपनी के मालिक समेत दो गिरफ्तार, जांच के लिए SIT का गठन

Faridabad : सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 7 फरवरी को हुए दर्दनाक

Nawada: सुभाष हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पुलिस ने तीन हत्यारोपियों समेत पांच को दबोचा

रिपोर्टर:- ऋषभ कुमार Nawada : जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के भगवानपुर

Saharsa : चार दोस्तों ने एक साथ खाया कीटनाशक, दो की मौत, दो की हालत गंभीर

रिपोर्ट: रतना मिश्रा Saharsa : जिले के कनरिया थाना क्षेत्र स्थित फरेवा

Ayushman Bharat Scheme: चक हिंगुई गांव में आयुष्मान कार्ड कैंप

Ayushman Bharat Scheme: ग्राम प्रधान मेराज बानो की पहल, योगी–मोदी सरकार की

Union Budget India: केंद्रीय बजट पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल की पत्रकार वार्ता

Union Budget India: मीरजापुर जिला पंचायत के सभागार में केंद्रीय बजट को

Dhanbad: लोन रिकवरी एजेंट का अपहरण, 15 लाख की फिरौती से मचा हड़कंप

रिपोर्ट: अम्बर कलश Dhanbad : कोयलांचल के बाबूडीह खटाल इलाके में उस

Road Accident Lakhimpur: घने कोहरे में दर्दनाक हादसा, लखीमपुर में CNG ऑटो पुल से गिरा

Road Accident Lakhimpur: लखीमपुर खीरी जनपद के धौरहरा कोतवाली क्षेत्र में बीती

Dipka Mines: ट्रेलर में लगी भीषण आग, वीडियो हुआ वायरल

Report: Umesh Dahariya, Edit By: Mohit Jain Deepka Mines: दीपका थाना क्षेत्र