BY: Yoganand Shrivastva
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सामने आई प्रेस ब्रीफिंग में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सेना ने बताया है कि उन्होंने उन आतंकी अड्डों को भी ध्वस्त कर दिया है, जहां अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे खूंखार आतंकियों को आतंक की ट्रेनिंग दी जाती थी।
भारतीय सेना का निर्णायक हमला
7 मई की सुबह 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सेना ने एक सटीक और तेज कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। सेना ने कुछ घंटों बाद इसकी आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि इस कार्रवाई में सिर्फ आतंकवाद से जुड़ी जगहों को ही निशाना बनाया गया।
टारगेट किए गए कसाब-हेडली के पुराने ट्रेनिंग कैंप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलासा हुआ कि भारत ने उन ऐतिहासिक आतंकी ट्रेनिंग कैंपों को भी खत्म कर दिया है, जिनका संबंध 26/11 मुंबई हमलों से था। सेना ने बताया कि इन शिविरों में ही अजमल कसाब और डेविड हेडली को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया था।
कर्नल सोफिया कुरैशी की पुष्टि
भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सेना ने तुरंत एक सटीक और सीमित ऑपरेशन की योजना बनाई। उन्होंने कहा, “हमारे पास जो खुफिया जानकारी थी, उसके आधार पर इन ठिकानों को चिह्नित किया गया। इन्हें सावधानीपूर्वक चुनकर, सिर्फ आतंकी ढांचों पर निशाना साधा गया।”
मुरीदके बेस – आतंक की फैक्ट्री
कर्नल कुरैशी के अनुसार, लक्ष्यों में शामिल प्रमुख केंद्र लाहौर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य ट्रेनिंग बेस भी था। यहीं से लंबे समय तक भारत विरोधी आतंकी हमलों की साजिशें रची गईं और यहीं से कसाब और हेडली को प्रशिक्षण मिला था। यह वही आतंकी ठिकाना है, जिसने 2008 में मुंबई पर हुए हमलों की बुनियाद रखी थी, जिसमें 150 से अधिक निर्दोष लोग मारे गए थे।
कट्टरपंथ का अड्डा बना था यह इलाका
सेना के मुताबिक, ये कैंप केवल लड़ाकों को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं थे, बल्कि यहां पुरुषों और महिलाओं को कट्टरपंथी विचारधारा के तहत उकसाया और तैयार किया जाता था। आतंक के एजेंडे को बढ़ावा देने वाले समूह यहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे।





