by: vijay nandan
Om Birla No Confidence Debate नई दिल्ली, लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर दो दिनों तक चली लंबी चर्चा के बाद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla पहली बार आसन पर पहुंचे और सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मजबूत और सक्रिय विपक्ष का होना बेहद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी, इन नियमों से ऊपर नहीं है।
स्पीकर बिरला ने बताया कि पिछले दो दिनों में सदन में करीब 12 घंटे तक चर्चा हुई, ताकि सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि संसद देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती है और यहां आने वाला हर सांसद अपने क्षेत्र की समस्याओं और उम्मीदों को सामने रखने के लिए जिम्मेदार होता है।

उन्होंने कहा कि उनका प्रयास हमेशा रहा है कि हर सांसद को नियमों के तहत बोलने का अवसर मिले। खास तौर पर वे उन सांसदों को भी बोलने के लिए प्रेरित करते हैं जो कम बोलते हैं, क्योंकि खुलकर चर्चा होने से लोकतंत्र और मजबूत होता है।
Om Birla No Confidence Debate : हर सदस्य का आभार जताया
स्पीकर Om Birla ने कहा कि पिछले दो दिनों में सदन में अलग-अलग विचार सामने आए और उन्होंने सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि वे हर सदस्य के आभारी हैं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। उनके अनुसार संसद विचारों का एक जीवंत मंच है, जहां हर आवाज को सुना जाना लोकतंत्र की विशेषता है।
Om Birla No Confidence Debate : नियमों के तहत बोलने का अधिकार
विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए बिरला ने कहा कि किसी भी सदस्य को बोलने से नहीं रोका जाता। हर सांसद को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चलती है और किसी भी सदस्य, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, को बोलने से पहले अध्यक्ष से अनुमति लेना जरूरी होता है।
Om Birla No Confidence Debate : माइक बंद करने के आरोपों पर सफाई
कुछ सदस्यों द्वारा माइक बंद किए जाने के आरोपों पर स्पीकर ने कहा कि चेयर के पास माइक बंद करने का कोई बटन नहीं होता। कई विपक्षी सदस्य भी इस चेयर पर बैठ चुके हैं और वे इस प्रक्रिया से परिचित हैं।
Om Birla No Confidence Debate : महिला सांसदों को भी मिला पूरा अवसर
स्पीकर ने कहा कि उनके कार्यकाल में महिला सांसदों को भी अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि बजट चर्चा के दौरान कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की ओर जाकर नारेबाजी करने लगी थीं, जो अप्रत्याशित स्थिति थी। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश की कि हर सदस्य को बोलने का अवसर मिले, चाहे इसके लिए सदन को देर रात तक ही क्यों न चलाना पड़े।
Om Birla No Confidence Debate : सदन की गरिमा बनाए रखना जरूरी
निलंबन के मुद्दे पर बोलते हुए Om Birla ने कहा कि उनके सभी दलों के सांसदों से व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, लेकिन सदन की व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। जब नियमों का पालन नहीं होता तो कभी-कभी कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की।





