BY: Yoganand Shrivastava
नई दिल्ली, इस्लामिक देशों के संगठन OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) ने एक बार फिर अपने दोहरे मापदंड का प्रदर्शन करते हुए भारत के खिलाफ बयान जारी किया है। भारत द्वारा पाकिस्तान पर लगाए गए आरोपों को OIC ने “बेबुनियाद” करार दिया है और इसे दक्षिण एशिया की शांति के लिए खतरा बताया है।
TRT वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क में दिए गए बयान में OIC ने कहा है कि भारत की ओर से पाकिस्तान के विरुद्ध लगाए जा रहे आरोप क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और अधिक बिगाड़ सकते हैं। इतना ही नहीं, संगठन ने कश्मीर मुद्दे पर भी टिप्पणी की और कहा कि वहां “आत्मनिर्णय के अधिकार” से लोगों को वंचित किया जा रहा है, जिसका उल्लेख संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में है।
OIC के 57 सदस्य देश हैं, जिनमें से 48 मुस्लिम बहुल राष्ट्र हैं। यह संगठन खुद को वैश्विक मुस्लिम समुदाय की आवाज़ कहता है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं — खासकर गाजा पट्टी में चल रहे संघर्ष को रोक पाने में इसकी असफलता ने इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
भारत के खिलाफ इस तरह की बयानबाज़ी करते हुए OIC ने एक ओर आतंकवाद की निंदा दोहराई, लेकिन साथ ही पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए अपनी तटस्थता की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।
विश्लेषकों का मानना है कि OIC का यह बयान न केवल भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक गैर-जिम्मेदाराना रवैया भी दर्शाता है। संगठन जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ झुकाव दिखा रहा है, उससे उसकी निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।





