मिडिल ईस्ट में महातबाही की आहट: तुर्किये में अमेरिकी पैट्रियट तैनात, सऊदी और इराक पर ड्रोन हमला; क्या शुरू हो गया तीसरा विश्व युद्ध?
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Yoganand Shrivastava
New Delhi इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। युद्ध के 11वें दिन ईरान ने विश्व अर्थव्यवस्था की दुखती रग यानी ‘तेल सप्लाई’ पर वार करने की धमकी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दुनिया को तेल की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने देगा, जब तक कि उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं। दूसरी ओर, खेल के मैदान से भी बड़ी खबर आ रही है, जहाँ अपनी जान बचाने के लिए ईरानी महिला फुटबॉलरों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण ली है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कड़ा पहरा: राजदूत निकालो या तेल भूलो
New Delhi दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता ‘होर्मुज स्ट्रेट’ अब युद्ध का केंद्र बन गया है। ईरान ने नई शर्त रखी है कि जिन देशों के जहाज इस रास्ते से गुजरना चाहते हैं, उन्हें अपने देश से इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को तुरंत निष्कासित करना होगा। इसके अलावा, रिपोर्ट्स यह भी हैं कि ईरान अब अमेरिकी सहयोगी देशों के जहाजों पर ‘सुरक्षा शुल्क’ (Security Tax) वसूलने की तैयारी कर रहा है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना अब तक 46 ईरानी युद्धपोतों को नष्ट कर चुकी है।
मैदान में बगावत: राष्ट्रगान न गाने वाली 5 ईरानी महिला खिलाड़ियों को मिली शरण
New Delhi ईरान के भीतर मचे घमासान का असर उसकी नेशनल फुटबॉल टीम पर भी दिख रहा है। एशियन कप के दौरान मैच से पहले राष्ट्रगान न गाने वाली पांच ईरानी महिला खिलाड़ियों—फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी, जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा दे दिया है। इन खिलाड़ियों को डर था कि स्वदेश लौटने पर उन्हें राष्ट्रगान का अपमान करने के लिए सख्त सजा दी जा सकती है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसकी पुष्टि की है, वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी जरूरत पड़ने पर इन खिलाड़ियों को अमेरिका में शरण देने की पेशकश की है।

बॉर्डर पर बढ़ती तपिश: तुर्किये में पैट्रियट तैनात, मिस्र में तेल की कीमतें आसमान पर
New Delhi युद्ध की लपटें अब पड़ोसी देशों तक पहुँच रही हैं। तुर्किये ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए नाटो (NATO) के सहयोग से अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है। तुर्किये का दावा है कि ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थी। इधर, मिस्र में ईंधन की कीमतों में 30% तक का भारी उछाल आया है, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ गया है। वहीं, सऊदी अरब के रिहायशी इलाकों और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है।
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