Mohit Jain
ग्वालियर में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया जारी रहने के कारण फिलहाल वोटर लिस्ट पूरी तरह फ्रीज है। इस वजह से न तो नए नाम जोड़े जा सकते हैं और न ही हटाने या सुधार की कोई प्रक्रिया संभव है। चुनाव आयोग के अनुसार, यह सभी कार्य 9 दिसंबर से दोबारा शुरू होंगे। इसी बीच मतदाता पंजीयन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है।
फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के साथ घोषणा पत्र जरूरी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया के अनुसार, अब जो भी मतदाता फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) या फॉर्म-8 (नाम सुधार/स्थानांतरण) भरेंगे, उन्हें इसके साथ घोषणा पत्र भी अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है और इसका फॉर्मेट सभी जिलों को भेजा जा रहा है।
घोषणा पत्र में आवेदक को माता-पिता की जानकारी देनी होगी। यदि अंतिम एसआईआर सूची में नाम नहीं है, तो उसे रिश्तेदारों की जानकारी, उनका विधानसभा क्षेत्र, पार्ट और सीरियल नंबर भी दर्ज करना होगा।
बीएलओ के हस्ताक्षर अनिवार्य, जांच होगी और मजबूत

घोषणा पत्र पर आवेदक के साथ बीएलओ के हस्ताक्षर भी अनिवार्य होंगे। इससे दस्तावेजों के सत्यापन और फील्ड वैरिफिकेशन में मजबूती आएगी। जिन लोगों ने गणना पत्रक जमा नहीं किए हैं या बीएलओ के पास उनकी प्रविष्टि नहीं है, उन्हें अब नोटिस जारी किए जाएंगे।
9 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशन भी होगा। हर व्यक्ति अपने पोलिंग बूथ पर जाकर नाम देख सकेगा और नाम नहीं होने पर उसी समय फॉर्म भरकर प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
एसआईआर डिजिटाइजेशन में मप्र तीसरे स्थान पर
गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में मध्यप्रदेश देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। अब तक 5.74 करोड़ गणना पत्रकों में से 4.18 करोड़ का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इससे आगे केवल गोवा और राजस्थान हैं।





