Reporter: Golu Markam, Edit By; Mohit Jain
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नारायणपुर पुलिस ने माओवादी नेताओं के सेफ ज़ोन माने जाने वाले “कोंगे” में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह कदम माड़ बचाव अभियान के तहत उठाया गया है, जिससे ग्रामीणों को नक्सलवाद के डर से आज़ादी दिलाई जा सके।
माओवादियों के ठिकाने पर खुला सुरक्षा कैंप
यह इलाका लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है। लेकिन अब पुलिस और बीएसएफ की 129वीं बटालियन ने मिलकर यहां सुरक्षा कैंप खोलकर नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है।

ग्रामीणों ने लिया नक्सलवाद के खिलाफ संकल्प
कोंगे गांव के ग्रामीणों ने इस मौके पर नक्सलवाद को समाप्त करने और माओवादियों का सहयोग न करने का संकल्प लिया।
एक साल में अबूझमाड़ में खुला 13वां कैंप
यह नया कैंप अबूझमाड़ क्षेत्र में पिछले एक साल में खोला गया 13वां “सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप” है, जो स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से मुक्ति दिलाने में अहम साबित होगा।
208 माओवादी कर चुके हैं आत्मसमर्पण
तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण वर्ष 2024-25 में अब तक 208 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिससे अबूझमाड़ में शांति और विकास की नई राह खुली है।
सुरक्षा बलों की सराहनीय भूमिका
नवीन कैंप की स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ की 129वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





