संवाददाता‑ गौरव साहू
कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सब‑स्टेशन के पास दो दिन पहले खून से लथपथ हालात में मिले एक युवक की हत्या के मामले को पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
मृतक परिचय और प्रारंभिक जांच
मृतक की पहचान अश्विनी पाठक उर्फ “पिंटू”, निवासी अयोध्यापुरी, दर्री, के रूप में हुई। पहली नज़र में यह एक अंधाधुंध हत्या (ब्लाइंड मर्डर) लग रही थी, क्योंकि पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। हत्या की गुत्थी बिगड़ती नजर आ रही थी, लेकिन वैज्ञानिक, तकनीकी और समन्वित पुलिस प्रयासों ने मामले को तह‑तक उजागर कर दिया।
विशेष जांच टीम
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में और नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण टीम गठित की गई। इस टीम में शामिल थे:
- बांकीमोंगरा थाना प्रभारी चमन सिन्हा
- दर्री थाना प्रभारी ललित चंद्रा
- साइबर सेल एवं तकनीकी विश्लेषण टीम
टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संदेहास्पद व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर गहराई से जांच की।
रिश्तों की दरार — पिंटू की दोहरी ज़िंदगी
जांच में सामने आया कि पिंटू की ज़िंदगी दो यात्राओं के बीच झूल रही थी—एक तरफ़ उसकी पहली पत्नी और दूसरी ओर अंजू पाठक। अंजू ने अपना पुराना रिश्ता तोड़कर पिंटू के साथ नया भविष्य शुरू किया, लेकिन पुरानी यादें और जड़ें खोलकर फिर लौट आईं। अंजू और उसके पूर्व पति के बीच संवाद शुरू हो चुका था, और इसी कशमकश ने धीरे‑धीरे हत्या की कहानी को जन्म दिया।
जांच की परतें: साज़िश का खुलासा
- पुलिस ने तकनीकी और साइबर सबूतों के माध्यम से जांच को गहराई से आगे बढ़ाया।
- संदेह के आधार पर अंजू से पूछताछ की गई, जिससे उसकी भूमिका स्पष्ट हुई।
- फिर सामने आए तीन और आरोपी—एकलव्य यादव उर्फ “सिटू”, अजय चौहान, और रंजीत सिंह मेहरा—जो इस खूनभरी स्क्रिप्ट के सायलेंट पार्टनर निकले।
- जांच में यह बात सामने आई कि अंजू ने पिंटू की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजू के कहने पर ये आरोपी अंजू-पिंटू को बहकाकर सब‑स्टेशन के पास बुलाकर चाकू से हमला कर हत्या कर दी।
दोस्ती से विश्वासघात — जब यार बन गया साजिशी
पुलिस के अनुसार, एकलव्य यादव और अजय चौहान पिंटू के बेहद करीबी दोस्त माने जाते थे। लेकिन उनका दोस्ती का चेहरा छलावा निकला—उन्होंने उसी महिला की कहने पर पिंटू की हत्या की साजिश रची, जिसे पिंटू अपना “सब कुछ” मान चुका था।
हत्या के बाद आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस की तकनीकी पकड़ और फोरेंसिक जांच ने उन्हें ज़्यादा दूर नहीं जाने दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पुलिस ने 6 जुलाई 2025 की शाम इस पूरी साज़िश का खुलासा करते हुए निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया:
| नाम | उम्र | पता |
|---|---|---|
| एकलव्य यादव उर्फ सिटू | 20 वर्ष | इंदिरा नगर, जमनीपाली |
| अजय चौहान | 32 वर्ष | इंदिरा नगर, जमनीपाली |
| अंजू पाठक | 30 वर्ष | सीएसईबी कॉलोनी, दर्री |
| रंजीत सिंह मेहरा | 50 वर्ष | सरग बुंदिया, थाना उरगा (किरायेदार) |
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
कोरबा पुलिस की कामयाबी
इस केस में कोरबा पुलिस ने महज 48 घंटे में एक ब्लाइंड मर्डर की जिम्मेदारी लेकर उसे सुलझा कर साबित कर दिया कि:
- समन्वय और तकनीकी दक्षता: साइबर सेल, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की हाई‑टेक जाँच ने हत्या की गुत्थी खोली।
- मानवीय और मनोवैज्ञानिक समझ: अंजू सहित अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान मनोवैज्ञानिक चालाकी से कई राज खुल सके।
- संदेश: “कोई भी अपराध कितना भी छिपा क्यों न हो, कानून की पहुँच से कभी बचे नहीं रह सकता।”





