मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना असर दिखा रहा है। प्रदेश के उत्तरी और मध्य भागों में सक्रिय मानसूनी ट्रफ की वजह से कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने उज्जैन समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इटारसी में तवा डैम के 3 गेट खुले
नर्मदापुरम जिले के इटारसी में रुक-रुक कर तेज और रिमझिम बारिश हो रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण तवा डैम के 3 गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं।
- डैम से 10,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
- जलस्तर वर्तमान में 1164.50 मीटर पर है।
- यह इस सीजन में दूसरा मौका है जब डैम के गेट खोले गए हैं।
भोपाल में भी दोपहर के समय रुक-रुक कर बारिश हुई। मऊगंज और पिपरिया में भी पानी गिरा।
टीकमगढ़ में 20 लोग फंसे, सुरक्षित रेस्क्यू
सोमवार देर शाम टीकमगढ़ के धसान नदी के बरा घाट पर 20 लोग फंस गए। पुलिस और SDRF की टीम ने सभी को सुरक्षित निकाल लिया।
- फंसे लोग कुडीला थाना क्षेत्र के निवासी थे।
- वे अवैध रेत खनन के दौरान नदी में फंस गए।
अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है:
- उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़
- गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर
- खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया
- शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर
इसके अलावा, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पिछले 24 घंटे की बारिश का हाल
मध्यप्रदेश के 32 जिलों में पिछले 24 घंटे में बारिश दर्ज की गई:
- दमोह: 2.6 इंच (सबसे ज्यादा)
- रतलाम, श्योपुर-दतिया: 1.5 इंच
- ग्वालियर: 1.25 इंच
- गुना: 1 इंच
- भोपाल: 0.5 इंच
हल्की बारिश सिवनी, बैतूल, मंडला, रायसेन, छतरपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़, सीधी, इंदौर, सागर, नर्मदापुरम, उमरिया, जबलपुर, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर, भिंड, निवाड़ी, मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा में भी जारी रही।
रतलाम और मुरैना में गंभीर हालात
- रतलाम: धोलावाड़ डैम के 3 गेट खोलने पड़े, पलसोड़ा गांव पूरी तरह पानी में डूबा।
- मुरैना: अंबाह में तिरपाल ढांककर अंतिम संस्कार किया गया।
- दमोह: एक मकान गिरा, मलबे में दबने से 1 व्यक्ति की मौत, पत्नी घायल।
- नाले की पुलिया धंसने से उसरगार और अमलेटा गांव में ट्रैफिक रुक गया।
- उपलई गांव में कार पलटने के बाद ग्रामीणों ने लोगों को बाहर निकाला।
तेज बारिश का कारण
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। यही कारण है कि कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है।
बारिश का आंकड़ा: एमपी में मानसून की भरमार
- अब तक प्रदेश में 37.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन के 102% के बराबर है।
- सामान्य औसत बारिश: 37 इंच
- पिछले साल की औसत: 44 इंच
जिलों के हिसाब से बारिश का हाल:
- गुना: 56 इंच (24 इंच अधिक)
- मंडला: 54.2 इंच
- श्योपुर: 52.4 इंच
- अशोकनगर: 51.8 इंच
- रायसेन: 51.5 इंच
सबसे कम बारिश वाले जिले:
- इंदौर: 21.3 इंच
- शाजापुर: 21.6 इंच
- खरगोन: 22.6 इंच
- खंडवा: 23 इंच
- बड़वानी: 24.2 इंच
मध्यप्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई जगहों पर डैम के गेट खोलने पड़े और लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा। मौसम विभाग का अलर्ट गंभीर है, इसलिए नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





