मध्यप्रदेश में इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय दबाव) के कारण लगातार बारिश हो रही है।
शुक्रवार को रतलाम, इटारसी और पीथमपुर सहित कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई।
15 जिलों में भारी बारिश, 2 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है:
- अति भारी बारिश (8 इंच तक): बैतूल और बुरहानपुर
- भारी बारिश (4 इंच तक): झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट
स्वतंत्रता दिवस से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। बड़वानी, शाजापुर, धार, भोपाल और नर्मदापुरम में भी लगातार तेज बारिश हुई।
क्यों बरस रही है इतनी बारिश?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार:
- मध्यप्रदेश से एक प्रमुख ट्रफ लाइन गुजर रही है।
- मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं।
- लो-प्रेशर एरिया भी सक्रिय है।
इन्हीं कारणों से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है।
17 और 18 अगस्त का मौसम पूर्वानुमान
- 17 अगस्त: कई जिलों में भारी बारिश जारी रहेगी।
- 18 अगस्त से: एक और मजबूत सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे अति भारी बारिश का दौर शुरू होगा।
अब तक हुई बारिश का आंकड़ा
- प्रदेश की औसत बारिश: 37 इंच
- अब तक हुई बारिश: 30.5 इंच (82%)
- सिर्फ 6.5 इंच कम है कोटे से।
- ग्वालियर समेत 10 जिलों ने बारिश का कोटा पहले ही पूरा कर लिया है।
अगस्त में ही पूरा होगा कोटा
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगस्त के दूसरे पखवाड़े में लगातार तेज बारिश होगी। इससे कई जिलों का बारिश कोटा इसी महीने पूरा हो जाएगा।
हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में स्थिति अब भी बेहतर नहीं है।
पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों का हाल
- पूर्वी एमपी (जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा): औसत से 31% अधिक बारिश
- पश्चिमी एमपी (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम): 20% अधिक बारिश
- कुल मिलाकर, प्रदेश में अब तक 25% अधिक बारिश दर्ज की गई है।





