मध्यप्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में अगले 24 घंटे के भीतर अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
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इंदौर, नर्मदापुरम, भोपाल और जबलपुर संभाग के अन्य जिलों में भी अगले तीन दिन तक तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
क्यों बरस रहा है इतना पानी?
- प्रदेश के पश्चिम-दक्षिण हिस्से से मॉनसून ट्रफ गुजर रही है।
- साथ ही, दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया एक्टिव है।
- इसकी वजह से इंदौर और उज्जैन संभाग में लगातार तेज बारिश हो रही है।
किन जिलों में भारी बारिश की संभावना?
सोमवार को इन जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है:
- खरगोन
- बड़वानी
- धार
- झाबुआ
- आलीराजपुर
- सीहोर
- नर्मदापुरम
- बैतूल
- छिंदवाड़ा
- पांढुर्णा
बारिश से नुकसान और राहत
- खरगोन की रूपारेल नदी में बाढ़ आने से रविवार को 27 वर्षीय युवक बह गया।
- बड़वानी के सेंधवा और निवाली इलाके में कॉलोनियों में पानी भर गया।
- मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर बिजासन घाट में बारिश के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई।
- श्योपुर और धार में झमाझम बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली।
- वहीं, भोपाल में धूप खिलने से गर्मी और उमस का असर जारी रहा।
अब तक कितनी बारिश हुई?
- 16 जून को मॉनसून आया था।
- अब तक औसतन 31.3 इंच बारिश हो चुकी है।
- सामान्य तौर पर अब तक 25.2 इंच पानी गिरना चाहिए था।
- यानी इस बार 6.1 इंच अधिक बारिश दर्ज की गई है।
- प्रदेश की औसत बारिश 37 इंच होती है।
कहां सबसे ज्यादा पानी बरसा?
- मंडला और गुना: 47 इंच से ज्यादा
- निवाड़ी: 46 इंच
- टीकमगढ़: 45.5 इंच
- अशोकनगर: 43.6 इंच
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग सबसे आगे
मॉनसून आने के बाद से:
- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
- ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 7 जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिरा।
- इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं।
- दतिया में भी 92% से अधिक बारिश दर्ज हुई।
वहीं, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में अब भी कोटे से आधी बारिश नहीं हुई है।





