by: vijay nandan
MP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक संपन्न हो गई। बैठक में प्रदेश के विकास, कर्मचारियों के हित और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने दी।
MP Cabinet Decisions: कर्मचारियों को बड़ी राहत: अस्थायी-स्थायी पदों का अंतर खत्म
मोहन कैबिनेट ने राज्य शासकीय कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए स्थायी और अस्थायी पदों के बीच विभेद को समाप्त करने की स्वीकृति दी है। अब 10 के स्थान पर केवल 5 श्रेणियां रहेंगी। वर्तमान अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित करते हुए इन पर नई नियुक्ति नहीं करने का निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि ये फैसले प्रदेश के समग्र विकास, युवाओं को रोजगार, कर्मचारियों के हित संरक्षण और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
MP Cabinet Decisions: सरकारी तंत्र में बदलाव से लाखों कर्मचारी होंगे लाभांवित
प्रदेश सरकार इसे पोस्ट रिटायरमेंट जस्टिस रिफॉर्म के नजरीये से देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस फैसले से पेंशन, सेवा लाभ और भविष्य की भर्ती नीति में भी बड़ा बदलाव आएगा। अब तक प्रदेश के सरकारी तंत्र में 10 से अधिक तरह के पद वर्गीकरण थे, नियमित, संविदा, आउटसोर्स, अंशकालीन समेत कई श्रेणियां इनमें शामिल थीं। यही बिखरा हुआ सिस्टम कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आता था।

कैबिनेट ने भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु राजस्व मद में ₹90.67 करोड़ के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे दोनों शहरों में मेट्रो सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। योजना के अंतर्गत ₹905.25 करोड़ के व्यय को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत प्रदेश के 18 से 45 वर्ष के स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से ₹50 हजार से ₹50 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। शासन द्वारा 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान और 7 वर्ष तक ऋण गारंटी शुल्क अनुदान भी दिया जाएगा।
कैबिनेट ने अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। डीपीआर के अनुसार मुआवजे की राशि ₹1656.02 करोड़ के अतिरिक्त ₹1280 करोड़ का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों की परियोजनाओं के कार्य में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 3810 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लागत ₹693.76 करोड़ है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
प्रदेश में वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक प्रथम चरण में 6 वन विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन पर ₹48 करोड़ खर्च होंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य वानिकी विस्तार, कृषि वानिकी को बढ़ावा देना और वन भूमि की उत्पादकता बढ़ाना है।





