महाकुम्भ के पहले स्नान पर 50 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों का किया गया संचालन

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More than 50 fair special trains were operated on the first bath of Mahakumbh.

आस्था के महापर्व,महाकुम्भ 2025 की शुरूआत आज, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हो गई। सनातन आस्था का सबसे बड़ा पर्व होने के कारण देश भर से श्रद्धालु महाकुम्भ में स्नान करने प्रयागराज आते हैं। मेला प्रशासन के अनुसार महाकुम्भ के पहले स्नान पर लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं में त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान किया। जिनमें से लाखों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से प्रयागराज पहुंचे। प्रयागराज रेल मण्डल ने पहले से की गई तैयारियों के कारण श्रद्धालुओं को ज्यादा दिक्कतों का समना नहीं करना पड़ा। प्रयागराज रेल मण्डल ने यात्रियों की संख्या के मुताबिक शाम 06 बजे तक 50 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई।

प्रयागराज जंक्शन से 21 आउटवर्ड और 13 इनवर्ड ट्रेनों का हुआ संचालन

प्रयागराज रेल मण्डल ने श्रद्धालुओं की सुविधा और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा, आश्रय, आसान टिकट वितरण एवं बड़ी संख्या में गाड़ियों की व्यवस्था की गयी है । महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुये रेल प्रशासन द्वारा पौष पूर्णिमा पर्व के अवसर पर शाम 06 बजे तक 50 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इनमें से 21 आउटवार्ड और 13 इनवर्ड ट्रेनों का संचालन किया गया। प्रयागराज जंक्शन से 7 स्पेशल ट्रेनें 01 ट्रेन कानपुर के लिए, 03 पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन के लिए, 01 गाड़ी कटनी, 01 गाड़ी वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और 01 गाड़ी अयोध्या कैंट के लिए के लिए चलायी गयी।
प्रयागराज रेल मण्डल पर श्रद्धालु के लिए आश्रय स्थलों, टिकट घरों का हुआ सफल संचालन

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से बांदा स्टेशन के लिए 1 स्पेशल मेला ट्रेन चलाई गई। तो वहीं नैनी स्टेशन से 1 स्पेशल ट्रेन चित्रकूट के लिए और प्रयाग स्टेशन से 02, लखनऊ से 1, आलमनगर से 1, अयोध्या से 3 और 4 रिंग रेल ट्रेनों का संचालन किया गया| इसके बाद भी प्रयागराज रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की आवश्यकता के अनुरूप रात्रि में और भी स्पेशल ट्रेनों का संचाल किया गया| इसके अतिरिक्त श्रदधालुओं को आश्रय स्थलों में रहने, ठहरने और टिकट घर की भी व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन किया गया।

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