Reporter: मनोज जंगम
बस्तर/जगदलपुर: बस्तर में नक्सल मोर्चे पर सरकार को बड़ी सफलता मिली है। 2013 के झीरमघाटी नक्सली हमले का मास्टरमाइंड चैतु उर्फ़ श्याम दादा ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। चैतु ने आज बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा के समक्ष सरेंडर कर दिया, उसके साथ 10 अन्य सक्रिय नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए।
झीरमघाटी हमला: सबसे भीषण नक्सली वारदात
साल 2013 में दरभा घाटी क्षेत्र में हुए हमले में कांग्रेस के 30 से अधिक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शहीद हो गए थे।
इस हमले में नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और वीसी शुक्ला जैसे बड़े नेताओं की हत्या होती है। चैतु को इसी हमले का मुख्य ऑपरेशनल मास्टरमाइंड माना जाता रहा है।

बस्तर पुलिस का आधिकारिक खुलासा
सरेंडर के बाद बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एसपी शलभ कुमार सिन्हा संयुक्त रूप से नक्सली सरेंडर की पुष्टि की है। दोनों अधिकारी बताते हैं कि चैतु लंबे समय से संगठन छोड़ने की तैयारी कर रहा था और सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में था।
नक्सल संगठन में ‘चैतु’ की भूमिका
दरभा डिविजन का कमांडर और इंचार्ज
संगठन के हमलों की रणनीति, भर्ती और उगाही का नियंत्रण
बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क का प्रमुख चेहरा
सरेंडर से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
चैतु के साथ 10 अन्य नक्सली कैडर ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। पुलिस का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में विकास कार्यों, जनता के सहयोग और लगातार दबाव का परिणाम है।





