भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को अंतरराष्ट्रीय समर्थन लगातार मिल रहा है। हाल ही में मलेशिया ने भारत के रुख का खुलकर समर्थन किया है। मलेशिया की नेशनल यूनिटी डिप्टी मिनिस्टर, सरस्वती कंडासामी ने आतंकवाद के खिलाफ “Zero Tolerance” नीति को दोहराते हुए भारत की स्थिति को सही ठहराया।
यह बयान उस समय सामने आया जब भारत का संसदीय प्रतिनिधिमंडल मलेशिया की यात्रा पर था। यह दौरा हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।
मलेशिया ने क्यों दिया भारत का समर्थन?
- मलेशिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
- सरस्वती कंडासामी ने कहा, “मलेशिया हिंसा के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा है और भारत की तरह हमारा भी फोकस युद्ध नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर है।”
बदलता हुआ मलेशिया का दृष्टिकोण
2019 में मलेशिया, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ मिलकर एक इस्लामिक गठबंधन बनाने की कोशिश में था। लेकिन आज प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के नेतृत्व में मलेशिया की विदेश नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
- अब प्राथमिकता है स्थिरता, विकास और शांति।
- मलेशिया चाहता है कि दक्षिण एशिया में सहयोग और समरसता का वातावरण बने।
ASEAN 2025: मलेशिया की भूमिका और भारत के साथ सहयोग
मलेशिया 2025 में ASEAN (एसियान) का अध्यक्ष बनने जा रहा है। इस भूमिका में मलेशिया की कोशिश होगी कि:
- वह क्षेत्रीय शांति और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे।
- भारत जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर आतंकवाद से निपटे।
पाकिस्तान को मलेशिया का स्पष्ट संदेश
मलेशिया ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को भी स्पष्ट संदेश दिया है:
- आतंकवाद का रास्ता छोड़ें।
- नागरिकों की भलाई के लिए काम करें।
- संघर्ष और गरीबी के दुष्चक्र को समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग करें।
यह भारत के उस दृष्टिकोण के समान है जिसमें वह साझेदारी के ज़रिये विकास और स्थिरता लाना चाहता है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा और DAP का समर्थन
JDU सांसद संजय झा के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मलेशिया का दौरा किया, जो एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा का अंतिम चरण था।
- मलेशिया की सत्तारूढ़ पार्टी DAP ने भी भारत के रुख का समर्थन किया।
- DAP नेता कुलासेगरन मुरुगेसन ने कहा, “भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सही कदम उठाए हैं।”
भारत-मलेशिया सहयोग: भविष्य की संभावनाएं
- कुलासेगरन मुरुगेसन ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में सीमा पार आतंकवाद जैसी घटनाएं नहीं होंगी।
- उन्होंने आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की वकालत की।
मलेशिया में भारतीय समुदाय का भरोसा
मलेशिया में भारतीय समुदाय ने भी भारत सरकार के नेतृत्व की प्रशंसा की।
- नेशनल इंडियन मुस्लिम यूनिटी काउंसिल के कोऑर्डिनेटर वीरा शाहुल दाऊद ने कहा कि भारत ने संकट की घड़ी में बेहतरीन नेतृत्व दिखाया।
- उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सभी नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक समर्थन
मलेशिया का यह रुख भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है। इससे यह साफ है कि भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है।
भविष्य में भारत और मलेशिया के बीच:
- आर्थिक सहयोग
- सुरक्षा साझेदारी
- क्षेत्रीय स्थिरता
जैसे क्षेत्रों में रिश्ते और मजबूत होने की संभावना है।





