लखनऊ में बड़ी रेल दुर्घटना टली: हमसफर एक्सप्रेस से टकराई लोहे की ग्रिल, ड्राइवर की सूझबूझ से बची जानें

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BY: Yoganand Shrivastava

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी रेल दुर्घटना उस समय टल गई जब मल्हौर स्टेशन के पास रेल पटरी पर एक भारी लोहे की ग्रिल पाई गई, जिससे आनंद विहार टर्मिनल से गोरखपुर जा रही हमसफर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12572) टकरा गई। यह घटना रविवार तड़के लगभग 3:40 बजे की है। हालांकि, ट्रेन के चालक की सतर्कता के चलते यह हादसा टल गया।

लोहे की ग्रिल से हुई टक्कर, बड़ा हादसा टला

जानकारी के अनुसार, मल्हौर और दिलकुशा स्टेशन के बीच किसी ने जानबूझकर लोहे की भारी ग्रिल ट्रैक पर रख दी थी। तेज रफ्तार में दौड़ रही हमसफर एक्सप्रेस जैसे ही इस स्थान पर पहुंची, ड्राइवर ने ट्रैक पर ग्रिल देख ली और तत्परता दिखाते हुए ट्रेन की गति धीमी कर दी। इस सतर्कता के कारण ट्रेन पटरी से उतरने से बच गई। टक्कर के बाद चालक ने ग्रिल को ट्रैक से हटाया और तुरंत रेलवे अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने शुरू की जांच

रेलवे पुलिस ने इस मामले में गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि ग्रिल किसने और कब ट्रैक पर रखी।

रेलवे अधिकारियों की पुष्टि

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी लखनऊ कंट्रोल रूम को 3:40 बजे मिली थी। ड्राइवर ने समय रहते ग्रिल को देखकर ब्रेक लगाया और बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों के अनुसार यह ग्रिल एक होर्डिंगनुमा लोहे का ढांचा था जो ट्रैक के एक किनारे मिला।

यूपी में बार-बार हो रही हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब यूपी में इस तरह की घटना सामने आई हो। हाल के कुछ महीनों में यह आठवीं बार है जब किसी ने ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की है:

  • जून 2025: बरेली के दोहना स्टेशन पर जानबूझकर स्विच मैकेनिज्म में गिट्टी डाली गई थी, जिससे एक पैसेंजर ट्रेन बच गई।
  • 31 मई: दिल्ली-शामली मेमू ट्रेन के रूट पर लोहे का 12 फीट लंबा पाइप, गिट्टी और कंक्रीट ट्यूब रखे मिले थे।
  • 29-30 मई: प्रयागराज के भीरपुर और मेजा रोड के बीच तेजस एक्सप्रेस के रूट पर गिट्टियाँ डाली गईं।
  • 19 मई: हरदोई में दो बार ऐसी घटनाएं हुईं जिसमें गाड़ी संख्या 20504 और 15044 दुर्घटनाग्रस्त होने से बचीं।
  • 22 अप्रैल: उत्रैताई जंक्शन और बक्कास के बीच मेटल का दरवाजा ट्रैक पर रखा गया था।
  • 16 अप्रैल: मलीहाबाद में ट्रैक पर आम के पेड़ की टहनी पाई गई थी।

इसके अलावा, 2023-2024 के बीच भी कई बार इसी तरह की साजिशें सामने आ चुकी हैं – जिनमें रायबरेली, कानपुर, प्रेमपुर, गाजीपुर, बड़राजपुर, और खुर्जा जैसे स्टेशन शामिल हैं।