रिपोर्ट- विष्णु गौतम, एडिट- विजय नंदन
दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में डेयरी विकास योजना के तहत सब्सिडी दिलाने के नाम पर 166 किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी वाले लोन का झांसा देकर कथित तौर पर व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) थमा दिया गया।

ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम
पीड़ित किसानों ने इस धोखाधड़ी का आरोप एक निजी बैंक (HDFC Bank) के कर्मचारी विकास सोनी और स्थानीय एजेंट मधु पटेल पर लगाया है। एजेंटों ने किसानों को यह कहकर गुमराह किया कि उन्हें डेयरी विकास योजना के तहत 40% सब्सिडी वाला लोन मिलेगा।
एजेंटों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें शुरू में केवल छह महीने तक किश्तें जमा करनी होंगी। इसके बाद उन्हें 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी मिल जाएगी। किसानों को सब्सिडी वाले लोन के बजाय चुपके से व्यक्तिगत ऋण दे दिया गया, जिससे वे बड़े कर्ज के जाल में फंस गए।
थाना प्रभारी पर लगा रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप
जब किसानों को ठगी का एहसास हुआ और वे शिकायत दर्ज कराने के लिए धमधा थाने पहुंचे, तो एक और चौंकाने वाला मोड़ आया। किसानों ने धमधा के थाना प्रभारी पर FIR दर्ज करने के एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
आईजी की दखल के बाद दर्ज हुई FIR
न्याय की गुहार लगाते हुए, पीड़ित किसानों ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग से शिकायत की। आईजी गर्ग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और एक जांच टीम गठित की। आईजी के हस्तक्षेप के बाद, पुलगांव थाने में आरोपियों के खिलाफ जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है।

एसपी ग्रामीण अभिषेक झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि धोखाधड़ी के इस नेटवर्क में बैंक के और कितने कर्मचारी शामिल हैं।





