Report by: Tarachand Patel, Edit by: Priyanshi Soni
Mahasamund Paddy Scam: महासमुंद जिले के धान संग्रहण केंद्रों में करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ है। जिले के पांच संग्रहण केंद्रों से 81 हजार 620 क्विंटल धान गायब पाया गया है। इस घोटाले से सरकार को करीब 25 करोड़ 30 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
Mahasamund Paddy Scam: गाय, चूहे और मौसम को ठहराया गया जिम्मेदार
हैरानी की बात यह है कि धान गायब होने के पीछे संग्रहण केंद्र प्रभारियों ने गाय, चूहे, किट-पतंगे, दीमक और मौसम को जिम्मेदार बताया है। करोड़ों के धान के इस तरह गायब हो जाने का तर्क किसी के गले नहीं उतर रहा है।
Mahasamund Paddy Scam: 2024-25 सत्र की धान खरीदी से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार सत्र 2024-25 में महासमुंद जिले में 110 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई थी। राइस मिलरों द्वारा उठाव के बाद 22 लाख 88 हजार 875 क्विंटल धान महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली स्थित पांच संग्रहण केंद्रों में रखा गया था।
Mahasamund Paddy Scam: रखरखाव पर खर्च हुए ढाई करोड़ से ज्यादा
धान के सुरक्षित भंडारण के लिए जिला विपणन विभाग द्वारा कैप कवर, प्लास्टिक, भूंसा और अन्य व्यवस्थाओं पर 2.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नोटिस जारी, जांच के नाम पर औपचारिकता?
घोटाला सामने आने के बाद अधिकारियों ने संग्रहण केंद्र प्रभारियों को आठ बिंदुओं पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सभी प्रभारियों के जवाब लगभग एक जैसे बताए जा रहे हैं। जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कट, कमीशन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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