Madhya Pradesh भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया है। एआई (AI) आधारित डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलों के माध्यम से मध्यप्रदेश ने देश में ग्रामीण डेटा प्रबंधन की एक नई मिसाल पेश की है। यह डिजिटल इकोसिस्टम न केवल किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाएगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश को भी खत्म करेगा।
एआई और जियो-फेंसिंग: फसल सर्वे में पारदर्शिता की नई गारंटी
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब फसलों का सर्वे केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत सर्वेक्षक को वास्तविक खेत पर उपस्थित होकर फसल की फोटो लेनी होती है।
- जियो-फेंसिंग तकनीक: इस प्रणाली में जियो-फेंसिंग का उपयोग किया गया है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सर्वे केवल खेत की वास्तविक लोकेशन पर ही हो।
- त्रिसतारीय सत्यापन: डेटा की सटीकता के लिए एआई (AI) और मशीन लर्निंग (ML) एल्गोरिदम के साथ-साथ पटवारी स्तर पर भी सत्यापन किया जाता है।
- सुरक्षा मानक: इंटरनेट न होने पर भी यह सिस्टम ऑफलाइन काम करता है और समय या स्थान के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर सर्वे स्वतः रुक जाता है।
फार्मर रजिस्ट्री: हर किसान की होगी ‘विशिष्ट डिजिटल पहचान’
Madhya Pradesh प्रदेश में किसानों का एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री विकसित की गई है। इस प्रणाली की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- 11 अंकीय आईडी: प्रत्येक किसान को 11 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या प्रदान की जा रही है।
- केंद्रीकृत सत्यापन: इसमें किसान की पहचान, भूमि के रिकॉर्ड और पूर्व में ली गई सरकारी योजनाओं का पूरा विवरण एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।
- फर्जीवाड़े पर लगाम: यह डिजिटल प्रोफाइल डुप्लीकेशन और फर्जी लाभार्थियों को रोकने में मील का पत्थर साबित होगी। मध्यप्रदेश इस व्यवस्था के निर्धारित मानकों को 100 प्रतिशत पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
वित्तीय सहयोग और ऋण की आसान उपलब्धता
Madhya Pradesh डिजिटल बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए केंद्र सरकार से भी मध्यप्रदेश को बड़ा सहयोग मिला है।
- बजट स्वीकृति: भारत सरकार ने एससीए (SCA) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मध्यप्रदेश को 713 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है।
- आसान कृषि ऋण: राज्य सरकार ‘जन समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से किसानों को बिना किसी कागजी जटिलता के सुगम कृषि ऋण (Agri Loan) उपलब्ध करा रही है।
- डेटा-ड्रिवन निर्णय: इस सटीक डेटा के आधार पर सरकार अब फसल क्षेत्र और उत्पादन का सटीक अनुमान लगा सकेगी, जिससे उपार्जन पंजीयन (Procurement Registration) की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी।
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