madhya pradesh : 1.17 लाख किसानों के खातों में ₹200 करोड़ सोयाबीन की भावांतर राशि ट्रांसफर
madhya pradesh : भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता लगी रहती है। फसल अच्छी हो, तो सालभर की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर सालभर का सूखा। पर अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारी संस्कृति का आधार हैं, हमारी धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। इन किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना, इनके खेतों, खलिहानों और घरों में समृद्धि लाना ही हमारा एकमात्र ध्येय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में अन्नदाता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर सिंगल क्लिक से भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रूपए की भावांतर राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना प्रारंभ से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को हमारी सरकार 1500 करोड़ रूपए की भावांतर राशि दे चुकी है। आज जिन किसानों को भावांतर की राशि मिली है, उसमें मंदसौर जिले के किसान भी शामिल हैं। जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रूपए की भावांतर राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के तहत मंदसौर जिले के पांच किसानों श्री रघुवीर सिंह को 95 हजार रूपए, श्री मुकेश पाटीदार को 73 हजार रूपए, श्री ओमकार सिंह को 64 हजार रूपए सहित श्री रामदयाल और श्री जगदीशचंद्र पाटीदार को भी मंच से भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।
madhya pradesh : शौर्य को मिला सम्मान स्व. श्री मनोहर सिंह चौहान के पुत्र को दिया शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र
मल्हारगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक बेहद संवेदनशील पक्ष भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ में हुई एक दुर्घटना में 4 लोगों की जिन्दगी बचाकर खुद की जान गंवाने वाले श्री मनोहर सिंह चौहान के पुत्र श्री संजय सिंह को सीधी अनुकम्पा नियुक्ति का पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शौर्य का सम्मान है। मल्हारगढ़ के पास एक दुर्घटना हुई। एक कार पानी में डूबने लगी। यह देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए 40 साल के श्री मनोहर सिंह तत्काल पानी में कूदे। कार में मौजूद चार जिंदगियां तो बचा लीं, पर खुद की जान न बचा सके। ऐसी वीरता को सम्मानित करना हमारा फर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. श्री मनोहर सिंह जी के 22 वर्षीय पुत्र श्री संजय सिंह को विशेष प्रकरण के तहत पुलिस आरक्षक (जीडी) के पद पर सीधा नियुक्ति पत्र (अनुकम्पा के रूप में) दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता प्रदर्शित करने वाला हर नागरिक सम्मान का अधिकारी है। हम सबमें दूसरों की जिंदगी बचाने का करूणा भाव होना ही चाहिए।

madhya pradesh : मंदसौरवासियों को भी दीं सौगातें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिलेवासियों को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 57.91 करोड़ रूपए की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाईओवर निर्माण तथा पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर 2.06 करोड़ रूपए लागत से नवनिर्मित रेलवे अंडरपास का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की मांग पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी में नया फ्लाईओवर ब्रिज बनाने सहित भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार कराने तथा काका गाडगिल सागर डेम को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदसौरवासियों को 25 करोड़ की लागत से बने भगवान पशुपतिनाथ लोक के रूप में आज ही एक और बड़ी सौगात भी मिली है।
madhya pradesh : मध्यप्रदेश पहला राज्य, जिसने देश में सबसे पहले लागू की भावांतर योजना
भावांतर भुगतान राशि अंतरित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों के हित में सबसे पहले भावांतर की राशि को शासकीय व्यवस्था से भुगतान करने की योजना लागू की। इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यहीं नहीं रूकेंगे, बल्कि अब सरसों और मूंगफली की फसल को भी इस योजना के दायरे में लाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने, उनके धैर्य और अटूट परिश्रम से ही है। हम हर अन्नदाता को उसकी मेहनत का पूरा दाम दिलाएंगे।
madhya pradesh : सरसों और मूंगफली की फसल को भी लाएंगे भावांतर योजना के दायरे में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धरतीपुत्र किसानों ने अपनी मेहनत से भारी मात्रा में अनाज उत्पादन कर प्रदेश का देश में मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष-2026 में किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से उपज में वैल्यू एडीशन करने से जोड़ा है। अब हमारे प्रदेश का किसान खुद अपनी उपज की प्रोसेसिंग करेगा, जिससे उसे उसकी उपज का भरपूर दाम मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाते हुए उनकी समृद्धि में कोई कमी नहीं रहने देगी। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को भावांतर योजना से फसल का समुचित दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले सालों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।
smadhya pradesh : अगले पांच साल में देंगे ढाई लाख नई नौकरियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। इसमें से अब तक 60 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है। अगले पांच साल में प्रदेश के ढाई लाख पदों पर नई नौकरियां दी जाएंगी।





