Madhya Pradesh मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सीधे तौर पर पर्याप्त मैनपावर और आधुनिक अधोसंरचना से जुड़ी है। उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औपचारिकताओं में उलझने के बजाय कार्य की समय-सीमा पर ध्यान दें ताकि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
भर्ती प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी और मैनपावर विस्तार
Madhya Pradesh उप मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग (PSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से चल रही भर्तियों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और एएनएम के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए उपलब्ध भर्ती मॉडलों का अध्ययन कर नई प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। बैठक में बताया गया कि 1377 विशेषज्ञ पदों की भर्ती में से 500 की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति जल्द सुनिश्चित की जाएगी।
कैंसर उपचार और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विकेंद्रीकरण
Madhya Pradesh रीवा, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में कैंसर के इलाज की आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि क्षेत्रीय स्तर पर ही कैंसर का सटीक उपचार और आवश्यक उपकरण उपलब्ध हों ताकि मरीजों को बड़े शहरों या अन्य राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके साथ ही, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को ‘फर्स्ट रेफरल यूनिट’ (FRU) के रूप में सशक्त किया जाएगा ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में प्रभावी सफलता मिल सके।
नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन और अधोसंरचना विकास
Madhya Pradesh बुधनी, छतरपुर और दमोह के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों को आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री ने इन कॉलेजों में फर्नीचर, लैब उपकरण और शैक्षणिक स्टाफ की भर्ती समय पर पूरी करने के निर्देश दिए ताकि एनएमसी (NMC) के मापदंडों को पूरा कर अनुमोदन प्राप्त किया जा सके। इसके अलावा, रीवा, सागर और मंडला में चल रहे विकास कार्यों की पुनरीक्षित स्वीकृति और बजट आवंटन में किसी भी प्रकार की विभागीय उदासीनता न बरतने की सख्त चेतावनी दी गई है।





