BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हाल ही में एक बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में चर्चा में आया नाम है यासीन अहमद मछली, जो इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। इसी प्रकरण में अब एक नया मोड़ आया है। यासीन के चाचा शहरयार अहमद उर्फ शेरू, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अल्पसंख्यक मोर्चा में भोपाल जिला अध्यक्ष थे, उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
इस्तीफे में पार्टी की छवि का हवाला
अपने इस्तीफे में शहरयार ने लिखा कि वह बीजेपी के प्रति निष्ठावान रहे हैं और रहेंगे, लेकिन चूंकि उनके भाई के परिवार के सदस्य इस आपराधिक प्रकरण में आरोपी बनाए गए हैं, इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है, लेकिन इस विवाद के कारण उन्होंने नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा देना उचित समझा।
लिखा— “जांच पूरी होने तक नहीं निभाऊंगा कोई पार्टी दायित्व”
शहरयार अहमद ने पत्र में आगे लिखा कि जब तक मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती, वह पार्टी के किसी भी दायित्व में नहीं रहना चाहते। उन्होंने बीजेपी से अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी से जुड़े रहे हैं और भविष्य में भी जुड़े रहेंगे।
ड्रग रैकेट से कौन-कौन जुड़ा?
इस मामले में पुलिस ने अंशुल सिंह उर्फ भूरी को भी गिरफ्तार किया है, जो एक पूर्व कांग्रेस पार्षद का बेटा है। उसके खिलाफ भी कई थानों में आपराधिक केस दर्ज हैं।
मछली गैंग और ड्रग तस्करी का खुलासा
भोपाल पुलिस ने हाल ही में जिस हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया, उसका संचालन यासीन अहमद द्वारा किया जा रहा था। वह खुद को वीडियो जॉकी बताता था, लेकिन असल में वो महंगी पार्टियों में एमडी ड्रग्स, कोकीन और चरस सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, यासीन अपने ड्रग नेटवर्क को क्लबों, बारों और रेस्टोरेंट्स तक फैला चुका था। वह लड़कियों को मुफ्त में नशा देता था और फिर उन्हें ड्रग्स की लत लगाकर मोटी रकम वसूलता था।
यासीन ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 2 अगस्त को एक वीआईपी पार्टी का पोस्टर भी शेयर किया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।





