रिपोर्ट- अमित वर्मा
झारखंड के लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड में देर रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक जंगली हाथी अचानक गाँव में घुस आया। बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचा, जिसके बाद पूरे गांव में डर का वातावरण बन गया। हाथी की आवाज़ाही से घबराए ग्रामीण घरों में दुबक गए और पूरी रात सतर्क रहे।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। विभाग के कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथी को आबादी से दूर ले जाने की रणनीति अपनाई। ग्रामीणों ने हाथ में मशालें जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की। स्थानीय लोग भी सावधानी बरतते हुए वनकर्मियों का सहयोग करते रहे ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी संभवतः भोजन की तलाश में झुंड से अलग होकर गांव की ओर भटक आया होगा। फिलहाल विभाग हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजा जाए।
इस पूरी घटना के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि कुछ ग्रामीणों ने फसलों व कच्चे घरों को संभावित नुकसान की आशंका जताई है। वन विभाग ने प्रभावित ग्रामीणों की सहायता और नुकसान का आकलन करने का आश्वासन दिया।
फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें, भीड़ न लगाएं और किसी भी स्थिति में हाथी के करीब जाने का प्रयास न करें। टीम लगातार मौके पर मौजूद रहकर हालात पर निगरानी कर रही है।
यह घटना एक बार फिर मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती की ओर संकेत करती है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।





