रिपोर्ट: उमेश डहरिया, कोरबा
सुरक्षा लापरवाही पर प्रबंधन घिरा सवालों में
कोरबा, छत्तीसगढ़।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के पताढ़ी गांव स्थित अडानी पॉवर प्लांट में बुधवार को एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय सतीश शांडिल्य के रूप में की गई है, जो कि कापन गांव का निवासी था और ठेका कंपनी के माध्यम से वेल्डिंग हेल्पर के रूप में कार्यरत था।
मजदूरों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। मजदूरों को बिना सेफ्टी गियर, प्रशिक्षण और निगरानी के खतरनाक निर्माण स्थलों पर काम करने को मजबूर किया जाता है। सतीश की मौत को मजदूरों ने हादसा नहीं बल्कि मुनाफाखोरी की कीमत पर की गई हत्या करार दिया है।
सूत्रों के अनुसार, हादसे के बाद भी प्रबंधन ने कोई मानवीय संवेदनशीलता नहीं दिखाई। आरोप है कि प्रबंधन ने अस्पताल प्रशासन पर रात में ही पोस्टमार्टम कराने का दबाव डाला, ताकि मामला दबाया जा सके और मीडिया की नजर से बचा रहे।
अडानी पॉवर प्लांट पर पहले से ही यह आरोप लगते रहे हैं कि मुनाफे की दौड़ में मजदूरों की सुरक्षा और जीवन को दरकिनार किया जा रहा है। इस ताजा घटना ने फिर से इन आरोपों को हवा दे दी है।
मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा व परमानेंट नौकरी नहीं दी गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन अडानी समूह जैसे प्रभावशाली औद्योगिक घराने के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई कर पाएगा? और क्या इस “मौत के मॉल” में काम कर रहे हजारों मजदूरों के लिए इंसाफ की कोई किरण नजर आएगी?





