रिपोर्ट – सुशील कुमार झा
Khanpur News : उत्तराखंड के खानपुर, जहां एक ओर वर्ष 2026 में सरकार और जल संस्थान जल संरक्षण को लेकर नियम, योजनाएं और जागरूकता अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। खानपुर क्षेत्र में जल संस्थान की घोर लापरवाही के चलते पिछले एक महीने से हजारों लीटर पानी यूं ही बहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे रहे।
Khanpur News : एक महीने तक टूटी रही पाइपलाइन, बहता रहा पानी
खानपुर क्षेत्र के लंढोरा–मंगलौर मार्ग पर जल संस्थान की पाइपलाइन टूटने से लगातार पानी की बर्बादी होती रही। टूटी पाइपलाइन से बहता पानी सड़क पर फैलता रहा, जिससे सड़क धीरे-धीरे धंस गई और वहां एक गहरा गड्ढा बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

Khanpur News : गड्ढे के कारण हुए कई हादसे
सड़क पर बने गहरे गड्ढे की वजह से क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाएं होती रहीं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पांच दिन पहले गाधारोना गांव की रहने वाली एक महिला मोटरसाइकिल से गुजरते समय इसी गड्ढे में गिर गई। हादसे में महिला को चोटें आईं और उसके सोने के कानों के टॉप्स गिर गए, जिनकी कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन और जल संस्थान की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।

Khanpur News : शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक महीने में कई बार जल संस्थान और नगर पंचायत को शिकायत दी गई, लेकिन न तो पाइपलाइन की मरम्मत कराई गई और न ही सड़क को सुरक्षित किया गया। लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते पाइपलाइन ठीक कर दी जाती तो न पानी की बर्बादी होती और न ही सड़क हादसे होते।

Khanpur News : एक महीने बाद जागा प्रशासन
लगभग एक महीने बाद आज नगर पंचायत ने जल संस्थान के साथ मिलकर टूटी पाइपलाइन की मरम्मत कराई और सड़क पर बने गड्ढे को भरवाया। हालांकि, लोगों का सवाल है कि अब तक हुए नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? पानी की बर्बादी, सड़क की खराब हालत और हादसों में हुए नुकसान का जवाब कौन देगा, इस पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
Khanpur News : स्थानीय लोगों में नाराजगी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जब जमीनी स्तर पर पानी बर्बाद हो रहा होता है, तब जिम्मेदार विभाग कोई कदम नहीं उठाते। लोगों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





