रिपोर्टर: प्रशांत जोशी
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले परतापुर ग्राम पंचायत के आश्रित पंडरीपानी गांव से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जो छत्तीसगढ़ की ग्रामीण सड़कों की हकीकत बयां करता है।
कीचड़ से भरे रास्ते में गर्भवती महिला की पीड़ा
बारिश के मौसम में जहां कीचड़ और फिसलन आम बात होती है, वहीं पंडरीपानी गांव में सड़क और पुलिया नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला को भारी प्रसव पीड़ा के बावजूद चार किलोमीटर की कीचड़ भरी सड़क पर पैदल चलकर एम्बुलेंस तक पहुंचना पड़ा। यह मंजर बेहद मार्मिक और प्रशासन की अनदेखी को उजागर करने वाला है।
ग्रामीणों की कई बार मांग, फिर भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार परतापुर पंचायत के सरपंच और सचिव से गांव तक सड़क और पुलिया निर्माण की मांग की है। इसके बावजूद आज तक ना तो सड़क बनी और ना ही मरम्मत का कोई काम शुरू हुआ। नतीजतन, हर बारिश में पूरा गांव कीचड़ में तब्दील हो जाता है और मरीजों, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
हर साल बरसात में दोहराई जाती है यही कहानी
यह पहली बार नहीं है जब पंडरीपानी गांव के लोग इस तरह की मुसीबत से गुज़रे हों। हर साल बरसात में यह गांव सड़क संपर्क से कट जाता है, और लोगों को इलाज, स्कूल या सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन की उदासीनता बनी बड़ी वजह
सरपंच और पंचायत सचिव तक कई बार शिकायतें पहुंचाई गई हैं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। नतीजा यह है कि जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं भी ग्रामीणों की पहुंच से बाहर हो गई हैं।





