रिपोर्ट- एम एच अंसानी, by: vijay nandan
झांसी: शहर में युवाओं के बीच हथियारों के साथ फोटो और वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। खासकर सोशल मीडिया पर दबंगई भरे गानों की धुन पर ऐसे वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। ताजा मामला टोडी फतेहपुर थाना क्षेत्र के महेवा गांव का सामने आया है, जहां एक युवक का असलहे से हवाई फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में युवक एक लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायरिंग कर रहा है। फायरिंग का यह वीडियो युवक ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया, जो देखते ही देखते इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो कब का है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी जानकारी सामने लाई जाएगी।
लायसेंसी हथियार की सार्वजनिक नुमाइश पर क्या नियम हैं और क्या सजा हो सकती है
भारत में लायसेंसी हथियार के प्रयोग और उसकी सार्वजनिक नुमाइश को लेकर आर्म्स एक्ट, 1959 और आर्म्स रूल्स, 2016 के तहत स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।
क्या नियम हैं
- लायसेंसधारी व्यक्ति हथियार का इस्तेमाल केवल आत्मरक्षा या लायसेंस में दिए गए उद्देश्य के लिए ही कर सकता है। सार्वजनिक जगहों पर हथियार का प्रदर्शन कानूनन अपराध है।
- हवाई फायरिंग प्रतिबंधित है, चाहे वह शादी, त्योहार या कोई अन्य कार्यक्रम ही क्यों न हो।
- सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वीडियो या फोटो डालना, खासकर फायरिंग करते हुए, आर्म्स एक्ट और साइबर कानून दोनों का उल्लंघन माना जाता है।
सजा का प्रावधान
- आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 के तहत बिना वैध कारण हथियार के दुरुपयोग या सार्वजनिक प्रदर्शन पर तीन से सात साल तक की जेल और दस हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- ऐसे मामलों में जिला प्रशासन हथियार का लाइसेंस तत्काल रद्द या निलंबित कर सकता है।
- पुलिस ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर सकती है और हथियार को जब्त किया जा सकता है।
- लायसेंसी हथियार रखना एक जिम्मेदारी है। इसका प्रदर्शन या दुरुपयोग करने पर न सिर्फ कानूनी कार्रवाई होती है, बल्कि यह दूसरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इसलिए कानून का पालन करना और हथियार का जिम्मेदारी से उपयोग करना आवश्यक है।





