जम्मू-कश्मीर के लोलाब क्षेत्र के वारनो के जंगली इलाके में सोमवार को अचानक तेज आवाज के साथ भारी बारिश हुई। बारिश इतनी तीव्र थी कि पूरे क्षेत्र में पानी का तेज बहाव शुरू हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जमीन धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने हालात पर कड़ी नजर रखी हुई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
स्थानीय प्रशासन ने दी चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बारिश के दौरान तेज आवाजें जरूर सुनाई दीं, लेकिन यह बादल फटने की घटना नहीं थी।
- स्थानीय स्तर पर जमीन को हल्का नुकसान पहुंचा है।
- लोगों को सलाह दी गई है कि अफवाहों या असत्यापित खबरों पर भरोसा न करें।
- ताजा अपडेट और सटीक जानकारी के लिए केवल प्रशासनिक और अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी लें।
अगस्त में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
जम्मू-कश्मीर में इस अगस्त महीने में कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। कठुआ, किश्तवाड़ और रामबन जैसे इलाकों में बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
- कई जगह भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बनी।
- यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा।
किश्तवाड़ की बड़ी त्रासदी
14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में बादल फटने से भयंकर तबाही हुई थी।
- अब तक 65 लोगों की मौत की पुष्टि हुई।
- 200 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
- 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- करीब 180 लोग घायल हुए।
एनडीआरएफ और सेना राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।





