BY
Yoganand Shrivastava
Jabalpur हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने अवैध उत्खनन के एक मामले में बिना तथ्यों की जांच किए ‘यांत्रिक’ तरीके से आदेश पारित करने पर कलेक्टर को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारियों से स्वतंत्र जांच की अपेक्षा की जाती है, न कि केवल अधीनस्थों की रिपोर्ट पर आंख बंद करके भरोसा करने की।
Jabalpur क्या था पूरा मामला?
यह विवाद छिंदवाड़ा के चौरई में अवैध खनिज परिवहन करते पकड़े गए एक ट्रक से शुरू हुआ। ट्रक ड्राइवर ने पूछताछ में सारंग रघुवंशी को मालिक बताया, जिसके आधार पर प्रशासन ने पूरी कार्रवाई कर डाली। कलेक्टर ने न तो वाहन के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों की जांच की और न ही असली मालिक का पता लगाने की कोशिश की। इसी मौखिक बयान के आधार पर वाहन राजसात करने और जुर्माना लगाने का आदेश जारी कर दिया गया।
Jabalpur असली मालिक को बनाया ‘अनजान’, कोर्ट में खुला राज
जब मामला हाईकोर्ट पहुँचा, तब पता चला कि ट्रक का वास्तविक और रजिस्टर्ड मालिक बलवीर सिंह है, जिसे इस पूरी कानूनी प्रक्रिया की भनक तक नहीं थी। कोर्ट ने पाया कि प्रशासन ने वाहन पोर्टल या दस्तावेजों से मालिक की पहचान करने की बुनियादी जहमत भी नहीं उठाई। अदालत ने इस कार्यप्रणाली को “लापरवाह और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन” करार दिया।
Jabalpur अधिकारियों की जेब से वसूला जाएगा हर्जाना
हाईकोर्ट ने 27 जनवरी 2025 को कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को हुए मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए 50,000 रुपये का हर्जाना दिया जाए। कोर्ट ने एक कड़ा संदेश देते हुए यह भी कहा कि:
- यह राशि सरकारी खजाने के बजाय उन दोषी अधिकारियों से वसूली जाए जिनकी लापरवाही से यह गलत निर्णय हुआ।
- अर्ध-न्यायिक शक्तियों का प्रयोग पूरी निष्पक्षता और तथ्यों की जांच के बाद ही होना चाहिए।
Jabalpur प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा संदेश
इस फैसले को प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ी नजीर के तौर पर देखा जा रहा है। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में बिना ठोस जांच के की गई कोई भी दंडात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आदेश उन अधिकारियों के लिए चेतावनी है जो बिना सोचे-समझे फाइलें आगे बढ़ाते हैं।





