गाजा सिटी पहले से ही इजरायली हमलों से बुरी तरह तबाह हो चुका है। लेकिन हालात और गंभीर हो सकते हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर हमास ने शर्तें नहीं मानीं, तो गाजा को पूरी तरह मलबे का ढेर बना दिया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली सेना को गाजा सिटी पर कब्जा करने की खुली अनुमति दी है। नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि अब गाजा किसी भी आतंकवादी संगठन के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा।
रक्षा मंत्री काट्ज का बयान
रक्षा मंत्री काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
- “गाजा सिटी का हाल भी वैसा ही होगा जैसा रफाह और बैत हानून का हुआ है।”
- “गाजा में छिपे हमास के हत्यारे और बलात्कारी अगर हमारी शर्तें नहीं मानते, तो उनके लिए जल्द ही नरक के दरवाज़े खुलने वाले हैं।”
इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि इजरायल सैन्य कार्रवाई और तेज करने के मूड में है।
इजरायल की युद्धविराम की शर्तें
इजरायल ने युद्धविराम के लिए तीन कड़े शर्तें रखी हैं:
- सभी इजरायली बंधकों की बिना शर्त रिहाई।
- हमास का पूरी तरह निरस्त्रीकरण।
- इजरायल की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी खतरे का खात्मा।
इजरायल सरकार ने साफ कहा है कि इन शर्तों के बिना कोई समझौता संभव नहीं है।
हमास का जवाब
हमास ने इजरायल की शर्तों को खारिज कर दिया है।
- उसने कहा कि बंधकों की रिहाई युद्ध समाप्ति के बदले में संभव है।
- लेकिन पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग को उसने ठुकरा दिया।
- हमास का दावा है कि जब तक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होती, तब तक वह हथियार नहीं छोड़ेगा।
यह रुख दोनों पक्षों के बीच टकराव को और बढ़ा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
गाजा में लगातार हो रहे हमलों और नागरिकों की मौत से अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य वैश्विक संस्थाएं लगातार युद्धविराम की अपील कर रही हैं।
- लेकिन इजरायल अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
मानवीय संकट गहराता जा रहा है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह युद्ध और व्यापक तथा लंबा हो सकता है।





