इजराइल ने गाजा सिटी पर कब्जे की तैयारी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सेना ने 50 हजार रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर बुलाने का आदेश जारी किया है। इसके बाद कुल मिलाकर लगभग 1.3 लाख सैनिक एक साथ मोर्चे पर मौजूद रहेंगे।
यह निर्णय रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सेना प्रमुख और सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक में लिया।
सैनिकों की तैनाती की टाइमलाइन
- पहली खेप: 2 सितंबर 2025 को 40–50 हजार सैनिकों की बुलाने की तैयारी
- दूसरी खेप: नवंबर–दिसंबर 2025 में
- तीसरी खेप: फरवरी–मार्च 2026 में
पहले से ड्यूटी कर रहे रिजर्व सैनिकों की सेवा भी 30–40 दिन तक बढ़ाई जाएगी। इस अभियान को “गिदोन’स चेरीअट्स-बी” नाम दिया गया है।
अभियान में शामिल सेनाएं
इस बड़े ऑपरेशन में 5 आर्मी डिवीजन हिस्सा लेंगी। इनमें शामिल होंगी:
- पैदल सेना
- टैंक यूनिट्स
- तोपखाना (आर्टिलरी)
- इंजीनियरिंग यूनिट
- सपोर्ट टीम्स
इसके अलावा गाजा डिवीजन की नॉर्थ और साउथ ब्रिगेड भी इस कार्रवाई में शामिल होंगी।
गाजा सिटी में कब्जे की रणनीति
- गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में पहले से ऑपरेशन जारी है।
- जैतून इलाके में नहल और 7वीं आर्मर्ड ब्रिगेड सक्रिय हैं।
- जबालिया में गिवाती ब्रिगेड अभियान चला रही है।
- नागरिकों को शहर छोड़ने के लिए नोटिस दिया जाएगा, जिसकी अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2025 तय हुई है।
- लगभग 10 लाख लोगों को साउथ गाजा शिफ्ट करने का प्लान है। इसके लिए राहत केंद्र, टेंट और फील्ड अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं।
गाजा पर मौजूदा नियंत्रण
- इजराइल ने दावा किया है कि गाजा पट्टी के 75% इलाके पर उसका कब्जा है।
- गाजा सिटी अभी भी उस 25% हिस्से में है जहां IDF (इजराइली डिफेंस फोर्स) का कंट्रोल नहीं है।
- यह वही इलाका है जहां हमास के पास अभी भी कई बंधक होने की आशंका है।
हमास से युद्ध विराम की शर्तें
इजराइल ने हमास के सामने जंग खत्म करने के लिए 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं:
- हमास को पूरी तरह हथियार डालने होंगे।
- सभी 50 बंधकों की रिहाई।
- गाजा से सैन्य ताकतों का खात्मा।
- गाजा पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण।
- हमास और फिलिस्तीनी अथॉरिटी से अलग नए प्रशासन की स्थापना।
नेतन्याहू का “बिग गाजा प्लान” क्यों हुआ खारिज?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस महीने की शुरुआत में पूरे गाजा पर कब्जे का प्लान पेश किया था। लेकिन, IDF चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने इसका विरोध किया।
- उनका मानना था कि पूरे गाजा पर कब्जे से बंधकों की जान को खतरा बढ़ जाएगा।
- इस स्थिति में इजराइल एक लंबे और थकाऊ युद्ध में फंस सकता है।
- इसी वजह से फिलहाल केवल गाजा सिटी पर कब्जे की योजना को मंजूरी मिली।
गाजा में मानवीय संकट
यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में हालात बेहद गंभीर हैं।
- अक्टूबर 2023 से अब तक 18 हजार बच्चों की मौत हो चुकी है।
- औसतन हर दिन 28 बच्चों की मौत हो रही है।
- अब तक 60,933 लोग मारे गए और घायलों की संख्या 1.5 लाख से ज्यादा है।
- सिर्फ भूख और कुपोषण से अब तक 188 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 94 बच्चे शामिल हैं।
इजराइल का यह कदम आने वाले महीनों में गाजा सिटी की स्थिति को और तनावपूर्ण बना सकता है। जहां एक ओर सुरक्षा और सैन्य रणनीति पर फोकस है, वहीं दूसरी ओर मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या यह योजना लागू होती है या फिर हमास के साथ युद्धविराम समझौते से हालात बदलते हैं।





