Iran : अमेरिका और इजरायल के साथ लंबे समय से जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान में आम नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण देने की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी कड़ी में तेहरान में महिलाओं ने भी मिलिट्री ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को हथियारों के इस्तेमाल और निशाना साधने जैसी बुनियादी सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई।
4 अक्टूबर को तेहरान में इमाम हुसैन स्क्वायर के पास आयोजित प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। उपलब्ध तस्वीरों और रिपोर्टों के मुताबिक, प्रतिभागियों को सैन्य प्रशिक्षकों ने अलग-अलग हथियारों को संभालने और उनका इस्तेमाल करने का तरीका बताया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को कई महीने हो चुके हैं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत भी मुश्किल दौर से गुजर रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा है कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर दोबारा सैन्य कार्रवाई होती है तो ईरान अपनी रक्षा के लिए पहले से ज्यादा मजबूती से जवाब देगा।
Iran Women Military Training: तेहरान में महिलाओं ने ली हथियार चलाने की ट्रेनिंग
तेहरान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं ने सैन्य अधिकारियों और प्रशिक्षकों से हथियारों के इस्तेमाल की जानकारी हासिल की। प्रशिक्षण के दौरान लंबी दूरी के हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों से जुड़ी ड्रिल भी कराई गई। रिपोर्टों में बताया गया है कि नागरिकों को संभावित जमीनी हमले की स्थिति में तैयार रहने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इमाम हुसैन स्क्वायर पर बनाए गए प्रशिक्षण केंद्र में प्रतिभागियों को प्रशिक्षकों के निर्देशों के अनुसार हथियार संभालने की प्रक्रिया समझाई गई। सामने आई तस्वीरों में स्वयंसेवकों को असॉल्ट राइफल जैसे हथियारों की ट्रेनिंग लेते हुए भी देखा गया है।
ईरान में महिलाओं के लिए इस तरह के प्रशिक्षण का आयोजन हाल के दिनों में शुरू किए गए स्वयंसेवी कार्यक्रमों के तहत किया जा रहा है। ईरानी मीडिया में ‘जन्फदा’ यानी देश के लिए बलिदान जैसे अभियान से जुड़े महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
Iran Women Military Training: परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा पर जोर
ट्रेनिंग में शामिल महिलाओं के लिए सैन्य अभ्यास को केवल युद्ध के मोर्चे तक सीमित नहीं बताया गया है। कार्यक्रम का एक उद्देश्य नागरिकों को संभावित संकट की स्थिति में अपने परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार करना भी बताया गया है।
प्रशिक्षण में शामिल कुछ महिलाओं ने अपनी भागीदारी को देश की रक्षा से जोड़कर देखा। उनका कहना था कि अगर भविष्य में जमीनी संघर्ष की स्थिति बनती है तो वे केवल अपने घरों में छिपने के बजाय अपने परिवार और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहती हैं।
हालांकि, इन महिलाओं के व्यक्तिगत बयानों को पूरे ईरानी समाज की राय के तौर पर नहीं देखा जा सकता। ये उन प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएं हैं जिन्होंने स्वेच्छा से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है।
Iran Women Military Training: अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के बीच बढ़ी सैन्य तैयारी
ईरान में नागरिकों के लिए सैन्य प्रशिक्षण ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और इजरायल के साथ उसका संघर्ष जारी है। हालिया महीनों में सैन्य हमलों के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास भी चलते रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान को लेकर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थों के जरिए बातचीत भी हुई है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ईरान की ओर से अमेरिका के प्रस्ताव का जवाब भी सामने आया है, जबकि मध्यस्थ अभी भी दोनों पक्षों के बीच समझौते का रास्ता तलाश रहे हैं।
Iran Women Military Training: ट्रंप की चेतावनियों से भी बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। हालिया बयानों में ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी युद्ध को जल्द खत्म करना चाहता है, लेकिन इसके लिए बातचीत और सैन्य दबाव दोनों विकल्प खुले रखे गए हैं।
ईरान में इस बीच सैन्य तैयारियों पर भी जोर दिया जा रहा है। ईरानी सेना ने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही है। ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा संघर्ष से मिले अनुभवों के आधार पर मिसाइलों की रेंज बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हुई है।
Iran Women Military Training: अराघची बोले- सैन्य समाधान से खत्म नहीं होगा संघर्ष
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को विदेशी राजदूतों के साथ एक बैठक में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त प्रतिबंधों के जरिए भी इस विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।
अराघची के मुताबिक, संघर्ष खत्म करने का रास्ता बातचीत, न्याय और निष्पक्षता पर आधारित समझौते से निकल सकता है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगी दोबारा सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनते हैं तो ईरान अपनी रक्षा के लिए पहले से ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा।
Iran Women Military Training: होर्मुज पर भी जारी है गतिरोध
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का एक अहम मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बना हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को तब तक दोबारा नहीं खोलेगा, जब तक उसकी ओर से रखी गई शर्तें पूरी नहीं होतीं।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने भी कहा है कि होर्मुज को खोलने का फैसला निर्धारित शर्तों की पूर्ति से जुड़ा हुआ है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
Iran Women Military Training: युद्ध के बीच नागरिकों को तैयार करने की कोशिश
तेहरान में महिलाओं और अन्य नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण दिया जाना ईरान की मौजूदा युद्धकालीन तैयारियों का एक हिस्सा दिखाई देता है। प्रशिक्षण केंद्रों में नागरिकों को हथियारों के इस्तेमाल से लेकर अलग-अलग सैन्य अभ्यासों की जानकारी दी जा रही है।
ईरान में इस तरह के कार्यक्रमों का विस्तार उस समय हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से तत्काल समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा। एक तरफ तेहरान बातचीत के जरिए संघर्ष खत्म करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जवाब देने की तैयारी भी जारी रखे हुए है। ऐसे में तेहरान में महिलाओं की सैन्य ट्रेनिंग इस लंबे संघर्ष के बीच ईरान की नागरिक स्तर की तैयारियों की एक नई तस्वीर सामने रखती है।
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