Report by: Devendra Jaiswal, Edit by: Priyanshi Soni
Indore: भारत के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में जाने जाने वाले इंदौर में गंदे पानी और खान-पान के कारण स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। भागीरथपुरा और आसपास की कॉलोनियों में खराब नर्मदा पाइपलाइन का पानी पीने से सैकड़ों लोग डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हो गए।
सूत्रों के अनुसार पिछले 15 दिनों से स्थानीय कॉलोनियों में पानी की गुणवत्ता खराब है। इस वजह से लोग उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी इससे प्रभावित हुए हैं। मरीजों का कहना है कि लगातार स्वास्थ्य बिगड़ने से ब्लड प्रेशर और अन्य शारीरिक परेशानियां भी देखने को मिलीं।

डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से दूषित पानी और खान-पान के कारण उत्पन्न डायरिया जैसी बीमारी के लक्षण दर्शा रही है। इस स्वास्थ्य संकट के चलते दो निजी अस्पतालों और एमवाय हॉस्पिटल में करीब 150-200 मरीज भर्ती हैं।
दुर्भाग्यवश, नंदलाल पाल नामक बुजुर्ग की मौत अस्पताल में डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक के कारण हो गई। इसके अलावा एक महिला की भी अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गी मौके पर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मिले। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को स्थिति का तुरंत संज्ञान लेने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। सती नगर निगम ने भी प्रभावित कॉलोनियों में नर्मदा पाइपलाइन की जांच शुरू कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने भी एमवाय और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने नगर निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण दो लोगों की मौत हुई है और नगर निगम को पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के सभी हॉस्पिटल्स में जांच शुरू कर दी है और प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक उपचार की व्यवस्था कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तब तक केवल साफ और उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।





