,

Indian Navy Sailor: जमीन-जायदाद और नौकरी छोड़ 42 फीट की नाव पर रहने लगा पूर्व नौसैनिक, परिवार के साथ समंदर में बिता रहा जिंदगी

indian-navy-sailor-gaurav-sailing-family-reeva/

Indian Navy Sailor: आमतौर पर लोग अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित घर, बच्चों की अच्छी पढ़ाई और भविष्य के लिए संपत्ति जुटाने की कोशिश करते हैं। लेकिन भारतीय नौसेना में करीब 30 साल तक सेवा दे चुके गौरव ने जिंदगी को बिल्कुल अलग तरीके से जीने का फैसला किया। उन्होंने जमीन पर बनाई अपनी जिंदगी को पीछे छोड़कर समुद्र को अपना घर बना लिया।

गौरव ने साल 2022 में अपनी ज्यादातर चीजें बेच दीं और पत्नी वैदेही तथा बेटी केया के साथ 42 फीट लंबी सेलबोट पर रहने का फैसला किया। इस नाव का नाम ‘रीवा’ है। परिवार पिछले चार साल से इसी नाव पर रहते हुए समुद्र में सफर कर रहा है। उनकी इस अनोखी जिंदगी की कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है।

Indian Navy Sailor गौरव का परिवार अब ‘रीवा’ पर रहता है

गौरव, उनकी पत्नी वैदेही और बेटी केया ने जमीन पर बने पारंपरिक घर की जगह समुद्र में चलने वाली सेलबोट को अपना नया घर बना लिया। परिवार के इस सफर को सोशल मीडिया पर ‘द रीवा प्रोजेक्ट’ के नाम से साझा किया जाता है।

वैदेही के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2022 को परिवार मलेशिया के पेनांग में अपनी सेलबोट ‘रीवा’ पर रहने पहुंचा था। उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आने वाले सालों में यह फैसला उनकी जिंदगी को किस तरह बदल देगा। चार साल बाद भी परिवार समुद्र पर ही रह रहा है और लगातार नई जगहों और नए अनुभवों को तलाश रहा है।

Indian Navy Sailor परिवार ने बेटी के लिए चुनी अलग जिंदगी

वैदेही ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी केया को दुनिया को सिर्फ किताबों और तस्वीरों के जरिए देखने के बजाय वास्तविक रूप में जानने का मौका देने के लिए यह रास्ता चुना।

इसके लिए परिवार ने अपनी लगभग सभी चीजें बेच दीं और अपनी नौकरियां भी छोड़ दीं। उनका मकसद ऐसी जिंदगी जीना था जिसमें उनकी बेटी अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समुद्री यात्राओं को करीब से देख सके।

परिवार के पास बची हुई चीजों का कुल वजन करीब 120 किलो था। इसके बाद 1988 में बनी 42 फीट की सेलबोट ‘रीवा’ ही उनका घर बन गई। इस नाव को समुद्र में लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया था।

Indian Navy Sailor की सेलबोट में है छोटा लेकिन पूरा घर

बाहर से देखने पर भले ही ‘रीवा’ एक सेलबोट नजर आती हो, लेकिन परिवार ने इसी में अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से पूरा घर बना रखा है। इसमें दो छोटे केबिन, बैठने की जगह, रसोई और एक छोटा वॉशरूम मौजूद है।

नाव में बिजली की जरूरत सूरज और हवा से मिलने वाली ऊर्जा के जरिए पूरी की जाती है। इसी से फ्रिज, फ्रीजर, लैपटॉप और समुद्री यात्रा में इस्तेमाल होने वाले नेविगेशन उपकरण चलाए जाते हैं। यानी परिवार ने अपनी जरूरतों को सीमित रखते हुए समुद्र के बीच आत्मनिर्भर तरीके से रहने की व्यवस्था बनाई है।

Indian Navy Sailor परिवार के लिए सबसे मुश्किल था कम सामान में रहना

वैदेही के मुताबिक, लोगों को लग सकता है कि इस जीवन में सबसे कठिन काम सेलबोट चलाना और समुद्र में सफर करना रहा होगा, लेकिन उनके लिए असली चुनौती कम सामान के साथ जीवन जीना सीखना थी।

View this post on Instagram

A post shared by Sailing Reeva | Indian Sailing Family (@thereevaproject)

नाव पर जगह बहुत सीमित होती है। यहां हर सामान को सोच-समझकर रखना पड़ता है और खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज की पहले से योजना बनानी होती है। जमीन पर रहने की तरह समुद्र में जरूरत की कोई चीज खत्म होने पर तुरंत ऑनलाइन सामान मंगाना संभव नहीं होता।

यही वजह है कि इस परिवार ने सीमित संसाधनों में जीवन जीने की आदत विकसित की है। उनके लिए समुद्र पर रहना सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि पूरी तरह अलग जीवनशैली बन चुका है।

Indian Navy Sailor के परिवार ने हजारों नॉटिकल मील की यात्रा की

‘रीवा’ पर रहने के दौरान गौरव और उनके परिवार ने खुले समुद्र में हजारों नॉटिकल मील का सफर किया है। इस दौरान उन्हें अलग-अलग समुद्री इलाकों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने का अनुभव भी मिला।

समुद्र में जीवन हमेशा एक जैसा नहीं रहता। मौसम के अनुसार यात्रा की योजना बदलनी पड़ती है और कई बार यह तय करना पड़ता है कि किस जगह जाना है और कब आगे बढ़ना है। अलग-अलग देशों की सीमाओं में प्रवेश करने के लिए पासपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं का भी ध्यान रखना पड़ता है।

परिवार के लिए यह जिंदगी रोमांच से भरी होने के साथ-साथ चुनौतियों वाली भी है। कई बार समुद्र की परिस्थितियां उन्हें कठिन फैसले लेने पर मजबूर करती हैं।

Indian Navy Sailor की बेटी केया का बचपन बना समुद्र के बीच

गौरव और वैदेही की बेटी केया का बचपन जमीन पर बने पारंपरिक घर के बजाय समुद्र के बीच गुजर रहा है। परिवार का कहना है कि उन्होंने केया को ऐसी जिंदगी देने का फैसला किया, जिसमें वह दुनिया को करीब से देख सके और अलग-अलग जगहों का अनुभव हासिल कर सके।

इस यात्रा के दौरान परिवार ने कई खूबसूरत पल देखे हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर दिन आसान नहीं होता। कभी मौसम चुनौती बनता है तो कभी समुद्र की परिस्थितियां चिंता बढ़ाती हैं। कई मौकों पर परिवार को खुद से यह सवाल भी करना पड़ा कि क्या उन्होंने जिंदगी को लेकर बहुत बड़ा फैसला तो नहीं ले लिया।

फिर भी चार साल बाद वे उसी जीवन का हिस्सा हैं और अपने अनुभव सोशल मीडिया के जरिए लोगों के साथ साझा कर रहे हैं।

Indian Navy Sailor गौरव ने बताया नौसेना की ट्रेनिंग कैसे आई काम

गौरव ने एक पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी के इस बदलाव के बारे में बात करते हुए बताया कि नौसेना में बिताए वर्षों ने उन्हें समुद्र पर जीवन जीने के लिए कई जरूरी चीजें सिखाईं।

उनके मुताबिक, नौसेना की जिंदगी को छोड़कर उन्होंने कोई आसान रास्ता नहीं चुना था। बल्कि वहां मिले अनुभवों और सीख को उन्होंने अपनी नई जिंदगी में इस्तेमाल किया। अनुशासन, समुद्र की समझ और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता उनके लिए इस नए सफर में उपयोगी साबित हुई।

गौरव का कहना है कि नौसेना में बिताया समय उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था और उसी अनुभव से मिली सीख को उन्होंने समुद्र पर परिवार के साथ शुरू की गई नई जिंदगी में आगे बढ़ाया।

Indian Navy Sailor की कहानी सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में है

गौरव और उनके परिवार की कहानी इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रही है क्योंकि यह सामान्य जीवनशैली से बिल्कुल अलग है। जहां ज्यादातर लोग जमीन पर स्थायी घर और सुविधाओं को भविष्य की सुरक्षा मानते हैं, वहीं इस परिवार ने अपना घर ही समुद्र में बना लिया।

चार साल पहले शुरू हुआ यह सफर अब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। 42 फीट की ‘रीवा’ पर परिवार न केवल रह रहा है बल्कि समुद्र के रास्ते अलग-अलग जगहों की यात्रा करते हुए अपनी बेटी के साथ एक असामान्य लेकिन अनुभवों से भरी जिंदगी जी रहा है।

read also: India vs Pakistan: भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराया, गोल्ड मेडल पर जमाया कब्जा

Banda News: सरपंच उपचुनाव में पूजा अहिरवार की जीत, नरेश आठिया को 303 वोटों से हराया

Banda News: मध्य प्रदेश के बंडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भडराना में…

Banda News: सरपंच उपचुनाव में पूजा अहिरवार की जीत, नरेश आठिया को 303 वोटों से हराया

Banda News: मध्य प्रदेश के बंडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भडराना में…

India vs Pakistan: भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराया, गोल्ड मेडल पर जमाया कब्जा

India vs Pakistan: एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत…

Kasrawad By Election: कसरावद जिला पंचायत उपचुनाव में भारत यादव की जीत, 4075 मतों से बनाई बढ़त

रिपोर्टर-सेवकराम चौबे Kasrawad By Election खरगोन जिले के कसरावद में जिला पंचायत…

Salman Khan की ‘मातृभूमि’ की रिलीज का रास्ता साफ, सरकार से मिली NOC, जानें सिनेमाघरों में कब होगी रिलीज

Salman Khan: सलमान खान की बहुप्रतीक्षित वॉर-ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि' को लेकर लंबे…

Ladakh के 28 रणनीतिक स्थान अब आधिकारिक नक्शे पर चिन्हित, गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल

Ladakh: भारत सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थित 28 महत्वपूर्ण…

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें 1. ऑटो-पिकअप की टक्कर से 3…

MP: Top 10

MP: मध्यप्रदेश की 10 बड़ी खबरें 1. MP में 103 पंचायत पदों…

Aaj ka Rashifal: जानें राशि के अनुसार कैसा रहेगा आज का दिन

Aaj ka Rashifal: शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 का दिन मेष से लेकर…

Chanakya Niti: इन 5 बातों को कभी न बताएं दूसरों को, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

Chanakya Niti में आचार्य चाणक्य ने जीवन को सफल और व्यवस्थित बनाने…