BY: Yoganand Shrivastva
भारतीय सेना लगातार अपने रक्षा उपकरणों को आधुनिक बना रही है। युद्ध की बदलती रणनीतियों में ड्रोन तकनीक की भूमिका बेहद अहम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सेना ने अब नागास्त्र-1R ड्रोन की खरीद का आदेश जारी किया है।
क्या है नागास्त्र-1R ड्रोन?
नागास्त्र-1R एक स्वदेशी रूप से विकसित आधुनिक ड्रोन सिस्टम है, जिसे भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ड्रोन निगरानी, टारगेट पहचान, और दुश्मन की स्थिति का आकलन करने में सक्षम है। इसके जरिए सेना को रियल टाइम जानकारी मिलती है, जिससे युद्ध के मैदान में त्वरित और सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।
क्यों खास है यह ड्रोन?
- लाइटवेट और पोर्टेबल: नागास्त्र-1R को आसानी से किसी भी इलाके में तैनात किया जा सकता है, चाहे वह पहाड़ी क्षेत्र हो या सीमा पर कोई संवेदनशील स्थान।
- रियल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन: यह ड्रोन दुश्मन की गतिविधियों की लाइव जानकारी सेना को देता है।
- लॉन्ग रेंज कैपेबिलिटी: इसकी उड़ान क्षमता और दूरी काफी अधिक है, जिससे यह लंबे समय तक गश्त कर सकता है।
- AI-सक्षम सिस्टम: इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक है, जिससे यह खुद भी लक्ष्य पहचान सकता है और विश्लेषण कर सकता है।
- साइलेंट ऑपरेशन: इसका संचालन बेहद शांत है, जिससे दुश्मन को इसका आभास नहीं होता।
सेना के लिए क्या होगा फायदा?
इस ड्रोन की तैनाती से सेना की इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रीकॉन (ISR) क्षमताएं कई गुना बढ़ जाएंगी। खासकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और घुसपैठ रोकने में यह ड्रोन अहम साबित होगा। इसके अलावा यह लोकल ऑपरेशंस, एंटी-टेरर मिशन और आपदा राहत जैसे अभियानों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।





