BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली:भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की गई है। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने चीन में निर्मित JF-17 फाइटर जेट को हवा में ही मार गिराया। इस कार्रवाई में भारत की स्वदेशी ‘आकाश मिसाइल प्रणाली’ ने अहम भूमिका निभाई।
ऑपरेशन सिंदूर में ‘आकाश’ का दमखम
पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पाकिस्तान और पीओके में एयरस्ट्राइक की। भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त ऑपरेशन में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारत ने राफेल और सुखोई जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के साथ-साथ आकाश एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक मार गिराया।

क्या है आकाश मिसाइल प्रणाली?
ऑपरेशन के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सभी वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय कर दी हैं। इनमें S-400, बराक-8, उन्नत रडार, और आकाश मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। यह प्रणाली भारत के हवाई क्षेत्र को किसी भी संभावित हमले से सुरक्षित रखने में सक्षम है।
पाकिस्तानी जेट गिरा, झटका चीन को भी
भारत द्वारा मार गिराया गया JF-17 लड़ाकू विमान तकनीकी रूप से चीन द्वारा तैयार किया गया है, जिसे पाकिस्तानी पायलट उड़ा रहे थे। भारत ने सीधे पाकिस्तान को जवाब दिया, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से यह कार्रवाई चीन को भी कड़ा संदेश दे गई है।
आकाश मिसाइल सिस्टम की एक यूनिट में चार मिसाइलें होती हैं, जो एक साथ विभिन्न लक्ष्यों को भेद सकती हैं। वर्तमान में भारत के पास इसके तीन प्रमुख संस्करण हैं:
- आकाश MK-1: 30 किलोमीटर रेंज
- आकाश MK-2: 40 किलोमीटर रेंज
- आकाश-NG (न्यू जेनरेशन): 80 किलोमीटर तक मारक क्षमता
आकाश-NG की खासियतें
यह मिसाइल प्रणाली 20 किलोमीटर की ऊँचाई तक उड़ान भरने वाले किसी भी विमान, ड्रोन या अन्य हवाई ऑब्जेक्ट को मार गिराने में सक्षम है। इसकी गति 3087 किमी/घंटा है, जो इसे बेहद प्रभावशाली बनाती है। आकाश-NG में डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर लगी होती है, जिससे इसकी स्पीड और टारगेट लॉकिंग क्षमता काफी बढ़ जाती है।





