India on Middle East Tension: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा की।
Had a telecon on the ongoing conflict with PM & FM @MBA_AlThani_ of Qatar this evening.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 5, 2026
India on Middle East Tension: UAE के विदेश मंत्री से भी हुई बातचीत
Discussed the evolving situation in West Asia with DPM & FM @ABZayed of UAE.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 5, 2026
इसके बाद जयशंकर ने Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan से भी संपर्क किया। दोनों के बीच पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
India on Middle East Tension: ईरान के विदेश मंत्री ने किया संपर्क
Received a call from Foreign Minister @araghchi of Iran. Discussed the present situation.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 5, 2026
कतर और UAE के नेताओं से बातचीत के तुरंत बाद Seyed Abbas Araghchi ने भी जयशंकर से फोन पर बात की। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान हालात पर चर्चा हुई।
India on Middle East Tension: ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इस बीच Donald Trump द्वारा ईरान को दी गई चेतावनी के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। ट्रंप ने कहा है कि यदि Strait of Hormuz को जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान के महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
India on Middle East Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। इसके अवरुद्ध होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
India on Middle East Tension: भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा बड़ी चिंता
पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में भारत इस संकट को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत समेत कई देशों की ईंधन और उर्वरक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।





