Edit by: Avinash Srivastwa, Edit by: Priyanshi Soni
Human Trafficking: रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र से शादी का झांसा देकर लड़कियों की तस्करी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय परिवारों को निशाना बनाता था। बेटियों की अच्छे घर में शादी कराने का लालच देकर उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने की साजिश रची जाती थी।
Human Trafficking: राजस्थान कनेक्शन: दूल्हा और पिता गिरफ्तार
रोहतास जिले के बिक्रमगंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर निवासी दूल्हा निर्मल और उसके पिता रतनलाल शामिल हैं।

इसके अलावा करगहर थाना क्षेत्र के सिमरिया निवासी संजय साह और उसकी पत्नी रूबी देवी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि संजय साह और रूबी देवी स्थानीय स्तर पर दलाली का काम करते थे और बाहर से आए लोगों के साथ मिलकर शादी की पूरी साजिश रचते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे पुलिस सौदेबाजी की रकम मानकर जांच कर रही है।
Human Trafficking: शादी के बाद बदले हालात, जबरन ले जाने की कोशिश
जानकारी के अनुसार अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के बाक गांव की एक युवती की शादी राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी निर्मल लाल से कराई गई थी। युवती और उसके परिजनों को भरोसा दिलाया गया था कि शादी के बाद वह बिहार में ही रहेगी और परिवार को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। लेकिन शादी के तुरंत बाद आरोप है कि दूल्हा और उसके सहयोगी युवती को जबरन राजस्थान ले जाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस गश्ती के दौरान खुला राज
बिक्रमगंज के तेंदुनी चौक के पास गश्ती कर रही पुलिस टीम ने कुछ लोगों को आपस में खींचतान करते देखा। एक युवती को जबरन घसीटकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पूरा मामला सामने आया। युवती ने बताया कि उसे जबरन दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था, जबकि उससे पहले उसे बिहार में ही रखने का आश्वासन दिया गया था।
Human Trafficking: छह के खिलाफ एफआईआर, जांच जारी
युवती के आवेदन पर कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितनी लड़कियों को इस तरह फंसाया गया है।
एसडीपीओ का बयान: मानव तस्करी से जुड़ा मामला
बिक्रमगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की लड़कियों को शादी का झांसा देकर हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भेजा जाता है। वहां उन्हें जबरन गलत कार्यों में धकेले जाने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
Human Trafficking: प्रशासन की अपील, सतर्क रहें
इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के कारण कई परिवार ऐसे झांसे में आ जाते हैं।
प्रशासन ने अपील की है कि बेटियों की शादी से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी अनजान व्यक्ति या दलाल के संपर्क में आने से पहले पुलिस से सत्यापन अवश्य कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना को दें।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।
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