उत्तर प्रदेश के संवेदनशील शहर संभल में होली और रमज़ान के पहले जुम्मे के एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, 14 मार्च को हिंदू समुदाय सुबह से दोपहर 2:30 बजे तक होली मना सकेगा, जबकि मुस्लिम समुदाय 2:30 बजे के बाद जुम्मा नमाज़ अदा करेगा। इसके लिए सात कंपनियां प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) तैनात की गई हैं।

शांति समिति की बैठक
संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार ने बताया कि जिला-स्तरीय शांति समिति की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों से बातचीत की गई। यह निर्णय लिया गया कि होली का उत्सव 2:30 बजे तक चलेगा और उसके बाद जुम्मा नमाज़ होगी। उन्होंने कहा, “जिले में पूरी शांति है और मोहल्ला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।”
सोशल मीडिया पर निगरानी
एसपी ने सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने की बात कही और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर कोई अफवाह फैलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि उसका खंडन किया जा सके।” इसके अलावा, पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया जा रहा है और सत्यव्रत चौकी पर एक एंटेना लगाया गया है।
प्रशासनिक तैयारी
संभल के जिलाधिकारी (डीएम) राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि शहर को छह जोन और 29 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी सेक्टरों में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। शांति समिति की बैठकें थाना और जिला स्तर पर हुई हैं। मस्जिदों पर तिरपाल लगाने के सवाल पर डीएम ने कहा, “हमारी ओर से ऐसा कोई प्लान नहीं है। अगर दोनों पक्ष आपसी सहमति से ऐसा करते हैं तो यह उनकी मर्जी है। दोनों समुदायों ने कहा है कि वे दोनों त्योहारों को आपसी समन्वय और शांति के साथ मनाएंगे।”
विवादित बयान
गुरुवार को संभल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) अनुज चौधरी के उस बयान से विवाद खड़ा हो गया था जिसमें उन्होंने कहा था, “होली साल में एक बार आती है, जबकि जुम्मा नमाज़ साल में 52 बार होती है। जो लोग होली के रंगों से असहज हैं, वे उस दिन घर पर रहें।” विपक्षी दलों ने इस बयान की आलोचना करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण करार दिया और कार्रवाई की मांग की।
आपसी सम्मान की अपील
चौधरी ने दोनों समुदायों से एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने और जबरदस्ती रंग न लगाने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “जैसे मुस्लिम ईद का इंतजार करते हैं, वैसे ही हिंदू होली का। दोनों त्योहारों का मकसद साथ मिलकर खुशियां मनाना है।”





