Report: Rupesh kumar dass
Hazaribagh जिले के दीपुगढ़ा स्थित ‘संत माइकल फॉर द हियरिंग इम्पेयर्ड’ विद्यालय में बुधवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर हजारीबाग के उपायुक्त ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए 160 मुखबधिर बच्चों के बीच श्रवण यंत्रों (Hearing Aids) का वितरण किया। इन आधुनिक उपकरणों की मदद से अब ये बच्चे सुनने की क्षमता प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

Hazaribagh स्मार्ट क्लास और ओपन जिम से लैस होगा विद्यालय
श्रवण यंत्र वितरण के पश्चात उपायुक्त ने विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक और आवासीय सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए उपायुक्त ने घोषणा की कि जल्द ही संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों को नवाचार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए आवश्यक संसाधनों की सूची तत्काल तैयार करें।

Hazaribagh प्रशासनिक सहयोग का भरोसा: ‘अभिभावक’ की भूमिका में जिला प्रशासन
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परिसर में स्वच्छ पेयजल, बिजली और खेल के मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन इस संस्थान के लिए एक ‘अभिभावक’ की तरह कार्य करेगा। उपायुक्त ने कहा, “यह विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है और इसे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए जो भी प्रशासनिक सहायता चाहिए होगी, वह प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।”
Hazaribagh झारखंड का इकलौता मान्यता प्राप्त हाई स्कूल
गौरतलब है कि दीपुगढ़ा स्थित संत माइकल स्कूल झारखंड का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहाँ मुखबधिर बच्चों को 10वीं कक्षा तक की शिक्षा दी जाती है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) से मान्यता प्राप्त इस विद्यालय की ख्याति इतनी है कि यहाँ न केवल झारखंड, बल्कि बिहार और अन्य पड़ोसी राज्यों के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उपायुक्त की इस पहल से विद्यालय के संसाधनों में बढ़ोत्तरी होगी, जिससे यहाँ पढ़ रहे छात्रों के लिए सफलता की नई राहें खुलेंगी।





