BY
Yoganand Shrivastava
बोर्ड लगाए गए, पाबंदी की मांग जोर पकड़ रही
Haridwar प्रमुख घाट हर की पैड़ी पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। घाटों पर कई जगह पोस्टर और बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है कि हर की पैड़ी पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इस तरह के कदम पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।

गंगा सभा और प्रशासन का रुख
Haridwar गंगा सभा ने कहा है कि हरिद्वार हिंदुओं के लिए पवित्र स्थान है और लाखों श्रद्धालु रोज गंगास्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। खासकर कुंभ मेला के मद्देनजर उन्होंने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। घाटों पर आने वालों के आधार कार्ड की जांच भी शुरू कर दी गई है। गढ़वाल मंडल के कमिश्नर ने कहा कि उन्हें बोर्ड लगाए जाने की जानकारी नहीं है और प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

समर्थन और विरोध
Haridwar मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने गंगा सभा की इस मांग का संकेतों में समर्थन किया और कहा कि मां गंगा की पवित्रता की रक्षा होनी चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसका विरोध किया और इसे संविधान के खिलाफ बताया। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिन लोगों को हिंदुत्व या गंगा में श्रद्धा नहीं है, उन्हें हर की पैड़ी आने की आवश्यकता नहीं। वहीं, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के अन्य तरीके हो सकते हैं, बिना किसी धर्म के आधार पर लोगों को रोकने के।
Read this: Indore 17 January: इंदौर पहुंचे राहुल गांधी, मरीजों से मुलाकात करेंगे





