संवाददाता: मनोज जंगम
बस्तर जिले के दरभा विकासखंड मुख्यालय में “टीबी-मुक्त भारत, टीबी-मुक्त बस्तर” अभियान को मजबूती देने एक दिलचस्प और प्रगतिशील पहल की शुरुआत हुई। जगदलपुर कलेक्टर श्री हरीस एस (IAS) की अध्यक्षता में ‘हमर लैब’ का शुभारंभ किया गया, जिसे बस्तर में एक मॉडल डायग्नोस्टिक सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
“हमर लैब” की विशेषताएँ
• एक छत के नीचे 120 प्रकार की जांच सुविधाएं, जिनमें TB, कैंसर, हैमो-हैटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी इत्यादि शामिल हैं।
• केवल ₹50 में सभी परीक्षण—यह योजना राज्य की जन-केंद्रित स्वास्थ्य पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
• यह मॉडल पूर्व में कई जिलों में लागू किया जा चुका है, और अब बस्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
“टीबी-मुक्त बस्तर” अभियान में नया आयाम
कलेक्टर हरीस एस ने इस मौके पर बताया कि अभियान के तहत टीबी से प्रभावित 81 पंचायतों को “टीबी-मुक्त” घोषित किया जा चुका है। उन्होंने ग्रामीण जनता का आह्वान किया कि वे ‘हमर लैब’ में समय पर जांच करवाएं, ताकि निदान, उपचार और पोषण से जुड़ी सुविधाएँ निर्बाध रूप से मिलें।
अतिरिक्त स्वास्थ्य पहल
- रक्तदान शिविर आयोजित किया गया और नियमित रक्ता जांच की भी व्यवस्था की गई।
- टेली-टीलरोगियों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गई।
- कलेक्टर ने अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति को शासन की सभी सुविधाओं का पूरी तरह से लाभ लेने की अपील की।





