BY: MOHIT JAIN
ग्वालियर में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने रेलवे विभाग के चीफ टीएनसी के पद से सेवानिवृत सुधाकर यादव को अपना टारगेट बनाया। शनिवार दोपहर 2 बजे उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और धमकाया कि उनका फोन मनी लॉन्ड्रिंग केस में ट्रेस हुआ है।
वीडियो कॉल में धमकी और डर

64 वर्षीय सुधाकर यादव ने बताया कि कॉल में ठग ने उन्हें आईपीएस अधिकारी की यूनिफॉर्म पहने दिखाया और कहा कि उनके नाम पर किसी और ने बैंक खाता खोला है। उन्होंने कहा कि यदि तुरंत पैसे नहीं भेजे गए तो फोन बंद कर दिया जाएगा और मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई होगी।
ठगी की राशि और इतिहास
इस डिजिटल अरेस्ट के झांसे में सुधाकर यादव ने 3.80 लाख रुपए ठगों को दे दिए। ग्वालियर में यह छठवां डिजिटल अरेस्ट का मामला है। पिछले 10 महीनों में इसी तरह से अधिकारियों और डॉक्टरों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए ठगे जा चुके हैं।
पिछले मामलों का संक्षिप्त विवरण:
- 6 दिसंबर 2024: जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद दोनेरिया से 50 हजार रुपए ठगे गए।
- 2 दिसंबर 2024: आयुर्वेदिक डॉक्टर से 21 लाख रुपए की ठगी।
- 22 मार्च 2025: सुधाकर यादव को इसी अंदाज में निशाना बनाया गया।
ग्वालियर पुलिस और साइबर सेल ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि कभी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें।





