ग्वालियर के घासमंडी इलाके में एक कोचिंग शिक्षक द्वारा नाबालिग छात्रा के साथ यौन हिंसा का मामला सामने आया है। पीड़िता को धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर किया गया था।
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घटना का सारांश
- पीड़िता: 16 वर्षीय, 11वीं कक्षा की छात्रा।
- आरोपी: कोचिंग संचालक विपुल श्रीवास्तव (फरार)।
- स्थान: चंदन नगर, घासमंडी, ग्वालियर।
- कानूनी कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज, विशेष पुलिस टीम गठित।
क्या हुआ था?
पीड़िता पिछले एक महीने से विपुल श्रीवास्तव के कोचिंग सेंटर में पढ़ रही थी। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार हुआ:
- छात्रा को अकेले रोका: 21 जून को सुबह 11 बजे कोचिंग पहुंचने के बाद, आरोपी ने अन्य छात्रों को छुट्टी दे दी, लेकिन पीड़िता को रुकने को कहा।
- बहाने से अंदर बुलाया: शिक्षक ने उसे अंदर के कमरे में ले जाकर यौन हिंसा की।
- धमकी: विरोध करने पर पीड़िता का मुंह दबाकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
मामला कैसे खुला?
घर पहुंचकर छात्रा ने रोते हुए अपनी मां को घटना बताई। परिजनों ने तुरंत ग्वालियर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
- एफआईआर: पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज।
- खोज अभियान: आरोपी ठिकाने से फरार, पुलिस उसके सोशल मीडिया और संपर्कों की जांच कर रही है।
- पीड़िता की सुरक्षा: परिवार को कानूनी सहायता और सुरक्षा का आश्वासन दिया गया।
समाज और अभिभावकों के लिए सावधानियां
- कोचिंग सेंटर की पृष्ठभूमि जांचें: शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करें।
- बच्चों के साथ संवाद: किसी भी असहज स्थिति की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- सुरक्षा उपाय: कोचिंग कक्षाओं में सीसीटीवी और महिला स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
पुलिस का दावा है कि आरोपी घटना के बाद से छिप रहा है, लेकिन उसकी लोकेशन ट्रैक करने का प्रयास जारी है।
Q2. पीड़िता को कानूनी सहायता कैसे मिलेगी?
मध्य प्रदेश सरकार की पॉक्सो योजना के तहत पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता और काउंसलिंग दी जाएगी।
Q3. इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है?
- शिक्षण संस्थानों में बैकग्राउंड चेक अनिवार्य करना।
- छात्राओं के लिए सेल्फ-डिफेंस प्रशिक्षण।
- स्थानीय पुलिस के साथ नियमित सुरक्षा बैठकें।





