Report: Arvind Chouhan
कोर्ट ने खारिज किया जमानत आवेदन
Gwalior : शहर के चर्चित अधिवक्ता मृत्युंजय चौहान आत्महत्या मामले में मुरैना की पदस्थ महिला सब-इंस्पेक्टर प्रीति जादौन का अग्रिम जमानत आवेदन जिला न्यायालय ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी को आत्महत्या के लिए उकसाना गंभीर अपराध है, और जब यह अपराध एक पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाए तो इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है।

आरोपी की जांच में सहयोग न देने का आरोप
Gwalior कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि अभी तक आरोपी महिला पुलिस अधिकारी मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। ऐसे में कानून सभी के लिए समान है और यही कारण रहा कि प्रीति जादौन का जमानत आवेदन खारिज कर दिया गया। इस मामले में प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान के खिलाफ गोला का मंदिर थाने में वकील को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज है।

घटना की पृष्ठभूमि
Gwalior अधिवक्ता मृत्युंजय चौहान ने 15 दिसंबर को अपने गोला का मंदिर स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दो दिन पहले मृत्युंजय मुरैना गए थे, जहां वे अपनी लिव-इन पार्टनर प्रीति जादौन से मिलने पहुंचे। आरोप है कि वहां प्रीति जादौन और अराफात खान ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद मृत्युंजय सिविल लाइन थाने गए, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। प्रीति और मृत्युंजय की शादी 30 दिसंबर को होने वाली थी और दोनों 5 साल से संबंध में थे। फिलहाल, प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान फरार हैं।
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