Report: Vijay
Guna : मध्य प्रदेश के गुना जिले में सनसनी फैलाने वाले ‘नोटकांड’ मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। विभाग की छवि धूमिल होने और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के बाद, गुना एसपी अंकित सोनी ने धरनावदा थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
Guna इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
प्रारंभिक जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- प्रभात कटारे (थाना प्रभारी, एसआई)
- साजिद हुसैन (एएसआई)
- देवेन्द्र सिंह सिकरवार (प्रधान आरक्षक)
- सुंदर रमन (आरक्षक)
Guna DIG अमित सांघी की मैराथन पूछताछ
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्वालियर रेंज के डीआईजी (DIG) अमित सांघी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, डीआईजी ने शनिवार देर रात तक धरनावदा थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों से बंद कमरे में कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कई तकनीकी और जमीनी साक्ष्यों को सामने रखकर जवाब मांगे गए।
Guna विस्तृत जांच के आदेश: केवल निलंबन ही काफी नहीं
डीआईजी अमित सांघी ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है। उन्होंने इस मामले की एक विस्तृत और गहन जांच (Detailed Investigation) के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा, “निलंबन मात्र प्रक्रिया का हिस्सा है, हमारा उद्देश्य इस कांड की तह तक जाना है। विभाग में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
Guna विभाग में हड़कंप, आंतरिक जांच शुरू
गुना एसपी की इस त्वरित कार्रवाई ने जिले के अन्य पुलिसकर्मियों को भी कड़ा संदेश दिया है। फिलहाल, विभाग की एक विशेष आंतरिक जांच टीम (Internal Inquiry Team) सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद इन पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी या एफआईआर जैसी बड़ी गाज भी गिर सकती है।





