रिपोर्ट: उपेंद्र कुमावत
धार: जिले के गंधवानी थाना क्षेत्र में 17 सितंबर 2025 को ग्राम बिलदा के हाट बाजार में एक भीषण पटाखा अग्निकांड ने तहलका मचा दिया। स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस घटना में लगभग 50 दुकानें, तीन रिहायशी मकान और दर्जनों दोपहिया वाहन आग की भेंट चढ़ गए। इस हादसे में छह से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका उपचार धार अस्पताल में प्रशासन की निगरानी में किया जा रहा है, जबकि तीन गंभीर रूप से घायलों को इंदौर रेफर किया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह अग्निकांड हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, अवैध पटाखा दुकानों को रिहायशी इलाके में लगाना विरोध के बावजूद जारी रखा गया था। घटना के समय हाट बाजार में प्रशासन की उपस्थिति नहीं थी और पुलिस सहायता केंद्र में ताले लगे हुए थे, यानी एक भी पुलिस जवान ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। इस मामले में गंधवानी के राजस्व अधिकारी मुकेश मालवीय ने फोन पर कहा कि वे फील्ड में हैं और वर्जन देने के अधिकृत नहीं हैं।
पटाखा अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अवैध रूप से संचालित पटाखा दुकानों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम बिलदा में इस घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की।
यह हादसा प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हुआ माना जा रहा है, और यह घटना स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा प्रबंधन और अवैध व्यापार पर कड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है। घटना ने न केवल लोगों के जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी।





