Isa Ahmad
Grafted Brinjal Farming को अपनाकर नवागढ़ विकासखंड के ग्राम दुरपा के किसान अजय साहू ने आधुनिक कृषि की मिसाल पेश की है। पहले परंपरागत धान की खेती करने वाले अजय साहू ने अधिक आय के उद्देश्य से अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर उन्होंने खेती को लाभदायक व्यवसाय में बदल दिया।
Grafted Brinjal Farming: ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और सोलर पंप से बढ़ा उत्पादन
Grafted Brinjal Farming के तहत अजय साहू ने ड्रिप इरिगेशन, प्लास्टिक मल्चिंग, ऑर्गेनिक कीटनाशकों और सौर सुजला योजना के तहत मिले सोलर पंप का उपयोग किया। आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसका परिणाम यह रहा कि उनकी बैंगन की फसल स्थानीय बाजार में बेहतर कीमत पर बिक रही है और उन्हें लगातार अच्छा मुनाफा मिल रहा है।
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Grafted Brinjal Farming: सालाना 4 लाख रुपये से अधिक की आय, अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
Grafted Brinjal Farming से अजय साहू आज सालाना 4 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं। इस खेती में उनकी पत्नी भी बराबरी से सहयोग करती हैं, जिससे खेती का काम और अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। अजय साहू की सफलता यह साबित करती है कि आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनकी प्रेरक कहानी अब जांजगीर-चांपा जिले के अन्य किसानों को भी नवाचार और आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।



