Isa Ahmad
REPORT- ARUN KUMAR
शवों संग सड़क जाम, प्रशासन को देना पड़ा लिखित आश्वासन
जनपद में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो शिक्षकों की मौत के बाद मंगलवार को हालात बेकाबू हो गए। न्याय, मुआवज़े और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शवों के साथ सड़क पर उतर आए। गीडा और हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र में घंटों चले चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से गई जान
सोमवार को गीडा थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से प्राचार्य रामपाल चौधरी और शिक्षक सुबोध गौतम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। दोनों ही शिक्षा जगत में सम्मानित और लोकप्रिय शिक्षक थे। हादसे की खबर मिलते ही गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
मुआवज़े और कार्रवाई में देरी से भड़का आक्रोश
हादसे के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक के फरार होने और पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत न मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई। मंगलवार सुबह करीब छह बजे हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के कटसहड़ा–सोनबरसा मार्ग स्थित पचौरी चौराहे पर ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। परिजनों ने दोनों शिक्षकों के शव सड़क पर रखकर मार्ग पूरी तरह जाम कर दिया।
घंटों ठप रहा यातायात, बढ़ा तनाव
चक्काजाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हादसे के जिम्मेदार फरार ट्रैक्टर चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवज़ा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। घंटों की मशक्कत के बाद प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, उचित मुआवज़े और हरसंभव सहायता का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर परिजन और ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया।
फिलहाल पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी हुई है, जबकि पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।





