BY: Yoganand Shrivastva
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दहेज हत्या की मृतक बताई गई विवाहिता रुचि यादव पुलिस को जिंदा मिली। रुचि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ रह रही थी। जबकि उसके ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर दहेज हत्या और शव गायब करने का मुकदमा दर्ज किया गया था, पुलिस जांच में पूरा मामला झूठा पाया गया। अब पुलिस फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
मामले का विवरण:
रुचि की शादी साल 2023 में गाजीपुर के हथौड़ा निवासी राजेंद्र यादव से हुई थी। 3 अक्टूबर को उसकी मां ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर बताया कि उसकी बेटी की हत्या कर शव गायब कर दिया गया। इसके आधार पर पति राजेंद्र, सास कमली देवी और अन्य ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या व अन्य धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
प्रेमी के साथ मिली रुचि:
जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए पता लगाया कि रुचि जिंदा है और ग्वालियर में अपने प्रेमी गजेन्द्र के साथ रह रही है। रुचि ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी उसकी मर्जी के बिना कराई गई थी। वह कक्षा 10वीं से ही गजेन्द्र से प्रेम करती थी और मौका पाकर उसने उसके साथ भागकर दूसरी शादी कर ली।
झूठा मामला साबित:
सैदपुर थाने के सीओ रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि पुलिस जांच में दहेज हत्या का मामला पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत पाया गया। रुचि को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया। अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ससुरालियों की प्रतिक्रिया:
राजेंद्र और उनकी मां कमली देवी ने कहा कि विवाहिता हमेशा घर में झगड़ा करती थी और मायके चली जाती थी। फर्जी आरोपों से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अब पुलिस से आग्रह किया है कि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई की जाए और फर्जी केस दर्ज कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।





